बक्सर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा प्रोजेक्ट: मानसून से पहले नैनीजोर में कटाव रोधी कार्य ध्वस्त, लोगों का फूटा गुस्सा

Buxar News: मानसून से पहले ही बक्सर के नैनीजोर में गंगा नदी पर चल रहा कटाव निरोधी कार्य ध्वस्त हो गया. घटिया निर्माण और मानकों की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

Buxar News:(संतोष कांत) बिहार में मानसून के दस्तक देने से पहले ही बाढ़ नियंत्रण विभाग के दावों और कार्यशैली की पोल खुलने लगी है. ब्रह्मपुर अंचल के अति संवेदनशील नैनीजोर गांव में गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए शुरू किया गया करोड़ों रुपये का प्रोजेक्ट पहली ही परीक्षा में फेल हो गया. निर्माणाधीन 590 मीटर लंबे सुरक्षा कवच का आधे से अधिक फाउंडेशन ताश के पत्तों की तरह ढहकर गंगा नदी में समा गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

तकनीकी मानकों की खुली अनदेखी
विभागीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, गंगा के तेज बहाव को रोकने के लिए मजबूत जिओ बैग और पत्थर के बोल्डर का उपयोग अनिवार्य था. लेकिन संवेदक और विभागीय अभियंताओं की कथित मिलीभगत से इन मानकों की अनदेखी की गई. जिओ बैग के स्थान पर सीमेंट की साधारण बोरियों में बालू भरकर नदी में डाला जा रहा था. पत्थरों का उपयोग भी नहीं किया गया. ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर उनकी आवाज दबा दी गई.

फाउंडेशन धंसते ही शुरू हुआ खेतों का कटाव
घटिया निर्माण का नतीजा यह हुआ कि नदी के हल्के दबाव में ही फाउंडेशन धंस गया. इसके बाद नदी ने बिहार घाट के पीपा पुल से दक्षिण दिशा में खेतों का कटाव शुरू कर दिया है. दर्जनों किसानों की उपजाऊ जमीन और फसलें नदी में समाने लगी हैं. स्थिति गंभीर बनी हुई है.

गांव पर मंडराया बाढ़ का खतरा
यदि कटाव की यही स्थिति बनी रही, तो बाढ़ का पानी सीधे गांव के रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर सकता है. इससे सैकड़ों परिवारों के बेघर होने का खतरा पैदा हो गया है. ग्रामीण रात भर जागकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

जांच के नाम पर औपचारिकता का आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से परहेज किया. हालांकि, अंदरखाने निर्माण में गड़बड़ी की बात स्वीकार की जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को दबाने और ठेकेदार को बचाने की कोशिश की जा रही है.

उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री और जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. साथ ही दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और संबंधित अभियंताओं पर कार्रवाई की मांग की गई है. ग्रामीणों ने मानसून से पहले युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू करने की अपील की है, ताकि नैनीजोर गांव को संभावित तबाही से बचाया जा सके.

Also Read:मोहनिया चेकपोस्ट पर दो हादसे: बालू लदा ट्रेलर पलटा, स्कॉर्पियो-ट्रक की टक्कर में 5 घायल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ragini Sharma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >