Buxar News: (ओंकार नाथ मिश्र) बक्सर जिले में बाल श्रम के खिलाफ श्रम विभाग के विशेष धावा दल ने बड़ी कार्रवाई की. कार्रवाई में धनसोई और डुमरांव अनुमंडल के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें टीम ने चिन्हित स्थानों पर अचानक छापेमारी कर बच्चों को सकुशल रेस्क्यू किया.
छापेमारी में कई विभाग और सामाजिक संगठन शामिल
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक टीम के साथ कई सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभाई. धावा दल में विभिन्न प्रखंडों-राजपुर, चक्की, डुमरांव, चौगाई और इटाढ़ी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शामिल थे. इसके अलावा स्व. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के कार्यकर्ता अमिताभ गौतम, अजीत और विकास ने मौके पर मौजूद रहकर प्रशासन का सहयोग किया. टीम ने होटलों और दुकानों में दबिश देकर बाल मजदूरी में संलिप्त बच्चों को मुक्त कराया.
मुक्त बच्चों को CWC के समक्ष किया गया प्रस्तुत
रेस्क्यू के तुरंत बाद सभी बच्चों को सुरक्षित जिला मुख्यालय लाया गया, जहां उनकी प्राथमिक चिकित्सा जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं. इसके बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया. समिति द्वारा अब बच्चों की काउंसिलिंग कर उनके पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, दर्ज हुई एफआईआर
श्रम विभाग ने बाल श्रमिकों से काम कराने वाले दुकानदारों और नियोक्ताओं के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है. इस कार्रवाई के बाद जिले के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है.
बाल श्रम पर सख्त संदेश
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि बाल श्रम की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं.
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