यूपी से बक्सर आ रहे तस्करों का ‘मास्टरमाइंड’ प्लान, उत्पाद विभाग को फिल्मी स्टाइल में छकाया, घेराबंदी तोड़ भागे

Buxar News : बक्सर के जवहीं दियारा इलाके में उत्पाद विभाग की टीम को चकमा देकर शराब तस्कर घेराबंदी तोड़कर फरार हो गए. भागते वक्त यूपी सीमा पर फंसी गाड़ियों को निकालने के लिए तस्करों ने बुलडोजर तक का इस्तेमाल किया. नीचे जानिए पूरी खबर…

ब्रह्मपुर (बक्सर) से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar News : बिहार में शराबबंदी को अमली जामा पहनाना उत्पाद विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. उत्तर प्रदेश से बिहार में होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए उत्पाद विभाग की टीम ने जवहीं के दियारा इलाके में पूरी योजना के साथ जाल बिछाया था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से बिहार के जवहीं दियारा के रास्ते शराब की एक बहुत बड़ी खेप बिहार में प्रवेश करने वाली है. इस सूचना पर विभाग ने पूरी मुस्तैदी दिखाई. रात के घने अंधेरे में ही अधिकारियों और जवानों की एक विशेष टीम जवहीं के दियारा इलाके में रणनीतिक रूप से घात लगाकर बैठ गई. टीम को बस उस वक्त का इंतजार था, जब शराब लदे वाहन बिहार की धरती पर कदम रखें और उन्हें रंगे हाथ दबोचा जा सके. लेकिन तस्करों के शातिर दिमाग और ‘बैकअप प्लान’ के आगे विभाग की रणनीति फेल साबित हुई.

इंजनों की गड़गड़ाहट गूंजते ही शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

बुधवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच, जब चारों तरफ सन्नाटा पसरा था, तभी यूपी की सीमा से बिहार की ओर आते हुए भारी वाहनों के इंजनों की आवाज सुनाई दी. कुछ ही पलों में तीन चार-पहिया वाहनों का एक बड़ा काफिला बिहार के जवहीं दियारा की सीमा में दाखिल होता दिखाई दिया. गाड़ियों की हेडलाइट्स की रोशनी देखते ही अलर्ट बैठी उत्पाद विभाग की टीम हरकत में आ गई. टीम ने तीनों वाहनों को चारों तरफ से घेर लिया. अधिकारियों को लगा कि वे तस्करों को दबोचने में कामयाब हो चुके हैं, लेकिन कहानी में ट्विस्ट आना अभी बाकी था.

बाइक सवार ‘एस्कॉर्ट पार्टी’ ने ऐसे पलटी बाजी

जैसे ही उत्पाद विभाग की टीम ने तीनों चार-पहिया वाहनों पर शिकंजा कसा, इन वाहनों की सुरक्षा में आगे-आगे चल रही दो बाइकों पर सवार तस्करों के गुर्गों ने अपना रंग दिखाया. बाइक सवारों ने जानबूझकर अपनी गाड़ियां उत्पाद विभाग की टीम के ठीक सामने अड़ा दीं और शोर मचाते हुए टीम का ध्यान पूरी तरह भटका (डायवर्ट) दिया. जब तक उत्पाद विभाग की टीम स्थिति को संभालती, तब तक इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर एक चार-पहिया वाहन बिहार के दियारा इलाके के घने अंधेरे और उबड़-खाबड़ रास्तों का लाभ उठाते हुए बिहार की सीमा के भीतर ही कहीं विलीन हो गया.

यूपी सीमा पर फंसी गाड़ियां निकालने बुलडोजर मंगाया

उत्पाद टीम की घेराबंदी से घबराए बाकी के दो चार-पहिया वाहन चालक अपनी गाड़ियों को वापस उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ मोड़कर भागे. लेकिन हड़बड़ी और तेज रफ्तार के कारण दोनों गाड़ियां यूपी सीमा पारकर पास ही एक बेहद दुर्गम और दलदली रास्ते पर इस कदर फंस गईं कि उनका आगे-पीछे होना मुमकिन नहीं रहा. पकड़े जाने के डर से तस्करों ने तुरंत स्थानीय स्तर पर संपर्क साधा और आनन-फानन में मौके पर बुलडोजर बुलवाया. इसके बाद कड़ी मशक्कत कर गाड़ियों को कीचड़ से खींचकर निकाला गया और तस्कर उन्हें लेकर अंदर यूपी की ओर भाग निकले.

दोपहर तक पूछताछ में पुख्ता सबूत न मिलने पर ‘लाइनर’ रिहा

इधर, मौके पर मुस्तैद उत्पाद विभाग की टीम ने घेराबंदी के दौरान रास्ता रोकने वाले दोनों बाइक सवारों को अपनी कस्टडी में ले लिया था. टीम को अंदेशा था कि ये दोनों इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार या ‘लाइनर’ हैं. पकड़े गए युवकों को थाने लाकर दोपहर तक कड़ी पूछताछ की गई और उनके मोबाइल खंगाले गए. लेकिन दोपहर बाद तक उनके पास से न तो शराब की कोई बरामदगी हो सकी और न ही तस्करी से जुड़े कोई पुख्ता डिजिटल या भौतिक सबूत हाथ लगे. आखिरकार, कानूनी अड़चनों के कारण विभाग को दोनों संदिग्धों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ना पड़ा.

सुरक्षा तंत्र और रणनीति पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना ने दियारा इलाके में सुरक्षा और चौकसी के दावों की पोल खोल कर रख दी है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दियारा इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग को चकमा देते हैं. फिलहाल, इस नाकामी के बाद उत्पाद विभाग बैकफुट पर है और अधिकारियों का कहना है कि फरार गाड़ियों के नंबर और तस्करों के रूट की पहचान की जा रही है, जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा.

क्या कहते हैं अधिकारी

संदेह के आधार पर दो लोगों को पकड़ा गया था लेकिन कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलने के कारण उनको छोड़ दिया गया है.

अशरफ़ जमाल, उत्पाद अधीक्षक, बक्सर

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लेखक के बारे में

By Anjani Pandey

अंजनी पांडेय 10 से अधिक वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों से लेकर राजनीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरों के संपादन-प्रकाशन के साथ ही न्यूज़रूम ऑपरेशन्स, सोशल मीडिया कम्यूनिकेशन और पब्लिक मैसेजिंग का भी व्यावहारिक अनुभव. कंटेंट डेवलपमेंट, ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और ऑडियंस इंगेजमेंट में विशेषज्ञता. गूगल-रॉयटर्स से डिजिटल जर्नलिज्म और AI से जुड़े विषयों पर प्रमाणिकता हासिल की है.

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