बक्सर में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 8 सेंटीमीटर नीचे, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता; कई गांवों का सड़क संपर्क टूटा

बक्सर में गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 8 सेमी दूर है। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और प्रभावित इलाकों में नावों की तैनाती की है।

Buxar News : ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार की शाम गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 8 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया. इससे बक्सर के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है. गंगा के साथ सहायक नदियां ठोरा, कर्मनाशा और धर्मावती भी उफान पर हैं. कई गांवों में पानी पहुंचने के साथ सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है. प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारी तेज कर दी है.

खतरे के निशान से सिर्फ 8 सेंटीमीटर नीचे गंगा

केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार शाम 5 बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 60.24 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 60.32 मीटर है. यानी गंगा खतरे के निशान से महज 8 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. बुधवार सुबह 8 बजे जलस्तर 60.21 मीटर था. कुछ ही घंटों में जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

प्रशासन ने बढ़ायी निगरानी, नाव और गोताखोर रखने का निर्देश

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. बक्सर-कोइलवर तटबंध की निगरानी बढ़ा दी गयी है. जिला पदाधिकारी साहिला ने बाढ़ प्रभावित सभी अंचल पदाधिकारियों को आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

रामरेखाघाट समेत कई घाट डूबे, शहर में भी पानी का खतरा

गंगा का पानी बढ़ने से बक्सर शहर के रामरेखाघाट समेत अन्य घाट पानी में डूब गये हैं. छूमंतर गली में भी पानी बह रहा है. चरित्रवन स्थित श्मशानघाट पर शवदाह करने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है. वहीं, नालों के रास्ते गंगा का पानी शहर के निचले इलाकों में प्रवेश करने की स्थिति में पहुंच गया है. इससे शहर के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है.

बनारपुर में चार दर्जन घरों में घुसा पानी

बाढ़ के पानी से चौसा, बनारपुर, नरबतपुर, रोहनीभान, सिकरौल, रामपुर, तिवाय, धरमपुरा, जलीलपुर और सोनपा गांव प्रभावित हुए हैं. बनारपुर की मल्लाह बस्ती में करीब चार दर्जन घरों में पानी प्रवेश कर गया है. बक्सर अंचल के गोविंदपुर, पुलिया, कोड़रवा, हरिपुर, लरई और मिलिकया गांवों के पास भी पानी पहुंच गया है. कई जगहों पर सड़क संपर्क टूटने से आवागमन बाधित हो गया है.

सिमरी में सात नावों से कराया जा रहा आवागमन

सिमरी अंचल के गंगौली पंचायत अंतर्गत श्रीकांत राय के डेरा और रामदास राय के डेरा का आवागमन भी प्रभावित हुआ है. सिमरी के अंचल पदाधिकारी भगवती शंकर पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए सात नावों की व्यवस्था की गयी है. प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है.

इटाढ़ी-सिकटौना सड़क पर चढ़ा पानी, आवागमन रोका

इटाढ़ी प्रखंड के अतरौना और सिकटौना गांवों का सड़क संपर्क भी बाधित हो गया है. इटाढ़ी-सिकटौना सड़क पर पानी चढ़ने के बाद अंचलाधिकारी संतोष कुमार प्रितम ने बांस-बल्लों से घेराबंदी करायी है. लोगों को इस रास्ते से नहीं जाने की सलाह दी गयी है. वहीं, ठोरा नदी का पानी खेतों में फैलने से फसलें भी डूब गयी हैं. किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है.

सहायक नदियों के उफान से और बढ़ी मुश्किल

गंगा के साथ ठोरा, कर्मनाशा और धर्मावती नदियों के उफान ने तटवर्ती इलाकों की मुश्किल बढ़ा दी है. नदियों का पानी लगातार फैलने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन के साथ पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या भी पैदा हो रही है. प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है.

1. गंगा का जलस्तर 2. सिमरी में ग्रामीणों को मुहैया कराई गई नाव 3.जायजा लेते सिमरी सीओ 4.इटाढ़ी में बेरिकेडिंग | Prabhat Khabar Network
1. गंगा का जलस्तर 2. सिमरी में ग्रामीणों को मुहैया कराई गई नाव 3.जायजा लेते सिमरी सीओ 4.इटाढ़ी में बेरिकेडिंग | Prabhat Khabar Network

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By ओंकार नाथ मिश्रा

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