प्रतिनिधि, डुमरांव. डुमरांव प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में धान रोपनी का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. बारिश का साथ मिलने से किसानों को सिंचाई के लिए बड़ी राहत मिली है. बुधवार और गुरुवार को भी प्रखंड के अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे खेतों में नमी बनी रही.
दो दिनों में 6.4 एमएम बारिश दर्ज
किसान सलाहकार दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि डुमरांव प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को 4.8 एमएम और गुरुवार को 1.6 एमएम बारिश दर्ज की गई. इस तरह दो दिनों में कुल 6.4 एमएम बारिश हुई. रुक-रुककर हुई बारिश से किसानों को धान की रोपनी में काफी मदद मिली है.
खेतों में दिखने लगी हरियाली
बारिश का साथ मिलने के बाद प्रखंड के विभिन्न गांवों में खेतों में हरियाली नजर आने लगी है. किसानों का कहना है कि इस समय हुई बारिश धान की फसल के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है. इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है.
95 फीसदी धान रोपनी पूरी
कृषि समन्वयक राजीव रंजन ने बताया कि बारिश का साथ मिलने से डुमरांव प्रखंड में करीब 95 फीसदी धान रोपनी का काम पूरा हो चुका है. कुछ इलाकों में किसान अभी अंतिम चरण में धान की रोपनी कर रहे हैं. उम्मीद है कि जल्द ही शेष खेतों में भी रोपनी का काम पूरा हो जाएगा.
12,200 हेक्टेयर में धान खेती का लक्ष्य
कृषि समन्वयक ने बताया कि इस वर्ष डुमरांव प्रखंड में 12,200 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है. बारिश के कारण किसानों में भी धान की अच्छी फसल को लेकर उम्मीद बढ़ी है.
