Buxar Cyber Crime:(संतोष कांत) बक्सर जिले के ब्रह्मपुर क्षेत्र से साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसने डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. साइबर अपराधी अब एआई बायोमेट्रिक स्कैम के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. इस नए तरीके में ठग सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल्स के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को नामी कंपनियों में नौकरी का झांसा देते हैं और उन्हें ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं.
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठगी पूरी तरह तकनीकी और योजनाबद्ध तरीके से की जाती है.
फर्जी नौकरी और इंटरव्यू:
ठग प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर उम्मीदवारों से संपर्क कर वीडियो कॉलिंग ऐप पर इंटरव्यू तय करते हैं.
चेहरे और आंखों का डेटा चोरी:
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार को कैमरे के सामने लगातार देखने के लिए कहा जाता है. इसी दौरान एआई तकनीक की मदद से चेहरे के भाव, हाई-डेफिनिशन इमेज और आंखों की पुतलियों का डेटा रिकॉर्ड कर लिया जाता है.
आधार और मोबाइल नंबर में सेंध:
चुराए गए बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग कर जालसाज सिस्टम को धोखा देते हैं और आधार से लिंक मोबाइल नंबर बदलकर अपना नंबर जोड़ लेते हैं.
बैंक खातों तक पहुंच:
मोबाइल नंबर बदलते ही बैंक खाते और अन्य वित्तीय सेवाओं तक जालसाजों की पहुंच हो जाती है, जिससे बिना ओटीपी के भी खातों से पैसे निकाले जा सकते हैं.
साइबर यूनिट का अलर्ट और चेतावनी
साइबर अपराध इकाई ने इस नए खतरे को देखते हुए देशभर में अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने कहा है कि यह स्कैम खासकर उन युवाओं को निशाना बना रहा है जो वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन नौकरी की तलाश में रहते हैं. साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में जहां कंपनियां ऑनलाइन इंटरव्यू ले रही हैं, वहीं ठग इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं.
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
साइबर यूनिट ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान या बिना सत्यापित कंपनी के वीडियो इंटरव्यू से बचें.
- आधार बायोमेट्रिक को UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर लॉक रखें.
- इंटरव्यू के दौरान स्क्रीन शेयरिंग या अनावश्यक कैमरा परमिशन न दें.
- संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत कॉल काट दें.
- किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
बढ़ता साइबर खतरा, तकनीक के साथ बढ़ रही चुनौती
अधिकारियों ने बताया कि जैसे-जैसे तकनीक विकसित हो रही है, साइबर अपराधी भी नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं. अब केवल पासवर्ड या ओटीपी की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल पहचान जैसे चेहरा और बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा भी बेहद जरूरी हो गई है. एआई बायोमेट्रिक स्कैम जैसे नए साइबर अपराध डिजिटल युग में एक गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं. ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है.
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