Buxar Cabin Culture : महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि और सनातन संस्कृति के केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले बक्सर में होटल और कैफे में बने गुप्त केबिनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. एक दिन पूर्व 8 सितंबर को शहर के चरित्रवन स्थित जेल मोड़ के समीप संचालित BR-44 रेस्टोरेंट पर जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद ऐसे ठिकानों को लेकर चर्चा तेज हो गयी है.
गुप्त केबिनों में मिले पांच जोड़े
पुलिस के अनुसार BR-44 रेस्टोरेंट के भीतर बने गुप्त केबिनों की जांच के दौरान पांच प्रेमी जोड़े मिले. पुलिस ने कैफे के संचालन से जुड़े वैध कागजात की भी जांच की. कार्रवाई के बाद बक्सर से लेकर डुमरांव तक संचालित ऐसे होटल और रेस्टोरेंट की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं.
2022 में तीन होटलों पर हुई थी कार्रवाई
बताया गया कि BR-44 पर हुई कार्रवाई पहली घटना नहीं है. दिसंबर 2022 में भी जिला प्रशासन ने शहर के तीन होटलों पर कार्रवाई की थी. इनमें वैष्णवी, शिवम और स्टेशन रोड स्थित एक लॉज शामिल था. उस दौरान अलग-अलग कमरों से कुल 45 लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किये जाने की बात सामने आयी थी. इनमें 20 से अधिक महिलाएं और कई दलाल भी शामिल थे. इन होटलों को अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत सील किया गया था.
डुमरांव में 2023 में लॉज पर हुई थी कार्रवाई
मई 2023 में डुमरांव में भी एक निजी लॉज में कथित जिस्मफरोशी के रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. बताया गया कि यह लॉज स्थानीय थाना से करीब 100 मीटर की दूरी पर था. पुलिस ने वहां से तीन जोड़ों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया था. आरोप था कि लोग बिना पहचान पत्र के कमरा बुक कर रहे थे.
नाबालिग छात्रा मामले के बाद होटलों में छापेमारी
सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में डुमरांव के एक सरकारी स्कूल में नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की. मुख्य आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियों की जांच की. इसके बाद स्टेशन रोड और नया भोजपुर के आधा दर्जन होटलों में तलाशी अभियान चलाया गया. एक नामचीन रेस्टोरेंट के संदिग्ध कमरों को सील किये जाने की भी जानकारी दी गयी.
प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
प्रबुद्धजन सुरेश सिंह और अशोक सिंह का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी के बाद होटल संचालकों को बिना आईडी प्रूफ कमरा देने और गुप्त केबिन बनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी जाती है. इसके बावजूद BR-44 पर हुई कार्रवाई से इन व्यवस्थाओं की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सख्त कार्रवाई की मांग
प्रबुद्धजनों का कहना है कि ऐसे मामलों में होटल और कैफे संचालकों के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कठोर कार्रवाई जरूरी है. उनका कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई लगातार और प्रभावी तरीके से हो, ताकि बक्सर और डुमरांव में ऐसे ठिकानों पर रोक लगायी जा सके.
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