Bihar News: (त्रिलोकी चौबे) बक्सर जिले के नावानगर प्रखंड में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है. इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), नावानगर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित शिक्षक और प्रधान शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा है.
प्रखंड शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी पत्र (पत्रांक 449, दिनांक 29/05/2026) के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय परमेश्वरपुर के शिक्षक अविनाश कुमार वर्मा की मई 2026 की ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही पाई गई है. जांच में पाया गया कि शिक्षक ने पूरे महीने में केवल दो दिनों का ही “चेक-आउट” समय दर्ज किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थिति नहीं दी.
प्रधान शिक्षिका पर भी उठे सवाल
इस मामले में विद्यालय की प्रधान शिक्षिका की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने माना है कि इस अनियमितता में प्रधान शिक्षिका की संलिप्तता (मिलीभगत) से इनकार नहीं किया जा सकता. विभाग ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की संभावना जताई है. बीईओ ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही और संभावित मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
24 घंटे में मांगा गया जवाब
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधान शिक्षिका को निर्देश दिया है कि वे संबंधित शिक्षक से स्पष्ट साक्ष्य प्राप्त करें और दोनों अपना पक्ष 24 घंटे के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करें. पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
जांच रिपोर्ट भी संलग्न
विभाग की ओर से जारी पत्र के साथ मई 2026 की ई-शिक्षाकोष पोर्टल की ऑनलाइन उपस्थिति की छाया प्रति भी संलग्न की गई है, जो मामले की जांच का आधार बनी है. इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
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