Buxar News : बगेन गोला मुख्य बाजार में मंगलवार को हुआ तांडव और ताबड़तोड़ फायरिंग कोई अचानक हुआ विवाद नहीं था. पुलिस के शुरुआती अनुसंधान और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चर्चाओं के अनुसार, घटना के पीछे वर्चस्व की लड़ाई, भू-विवाद और पुरानी आपराधिक रंजिश की कड़ियां जुड़ी हो सकती हैं. दो दर्जन से अधिक युवकों के बाजार में जुटने और फायरिंग की घटना ने इलाके में पुराने आपराधिक दौर की यादें ताजा कर दी हैं. हालांकि, पुलिस अभी किसी एक कारण को घटना की वजह नहीं मान रही है और सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.
घात लगाकर हमले की तैयारी का शक
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बरूहां गांव निवासी मुकेश कुमार मंगलवार को निजी काम से बगेन गोला बाजार पहुंचे थे. इसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि हमलावरों को उनके बाजार पहुंचने की जानकारी पहले से थी. पोखरा, कैथी, कुआवन और खोचरिआव गांवों से आये दो दर्जन से अधिक युवक बाजार में अलग-अलग जगहों पर मौजूद थे.
मौका मिलते ही युवकों ने मुकेश कुमार पर हमला बोल दिया. अचानक बड़ी संख्या में युवकों के जुटने से बाजार में अफरा-तफरी मच गयी. दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भी दहशत फैल गयी.
दो राउंड फायरिंग से मची भगदड़
घटना के दौरान दो राउंड फायरिंग किये जाने की बात सामने आयी है. गोलियों की आवाज से बाजार में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गयी. दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.
फायरिंग की घटना ने क्षेत्र में उस दौर की यादें ताजा कर दीं, जब दक्षिणी इलाके में वर्चस्व और आपराधिक गतिविधियों को लेकर कई घटनाएं चर्चा में रहती थीं. हालांकि, मौजूदा घटना का पुरानी घटनाओं से सीधा संबंध होने की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है.
मौके से तीन बाइकें छोड़कर भागे हमलावर
घटना की सूचना मिलते ही बगेन गोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही हमलावर वहां से भाग निकले. इस दौरान उनकी तीन बाइकें मौके पर ही छूट गयीं. पुलिस ने तीनों बाइक को जब्त कर लिया है.
वाहनों के चेचिस और इंजन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की पहचान की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि बाइक के जरिये घटना में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.
8 नामजद समेत 18 के खिलाफ प्राथमिकी
मामले में मुकेश कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद और 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संबंधित गांवों में छापेमारी कर रही है.
जांच में पुलिस इस बिंदु पर भी ध्यान दे रही है कि अलग-अलग गांवों के युवकों का एक साथ जुटना महज संयोग था या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी. इसके अलावा घटना के पीछे भू-विवाद, पुरानी रंजिश या स्थानीय वर्चस्व की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
बड़े संरक्षण की भी जांच
पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं घटना में शामिल युवकों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति या आपराधिक तत्व का संरक्षण तो प्राप्त नहीं था. सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर युवाओं के बीच चल रही कथित वर्चस्व की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
घटना के बाद जिन गांवों में आरोपितों की तलाश की जा रही है, वहां कई घरों में ताले लटके मिले. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
