किसान ने साजिश के तहत धान जलाने का लगाया आरोप
अगलगी में एक लाख रुपये का धान जल कर राख
भूखमरी के कगार पर किसान
संवाददाता, डुमरांव
प्रखंड के नंदन डेरा स्थित एक खेत में कटनी कर रखे गये करीब पांच सौ बोझा धान की फसल गुरुवार की रात अचानक आग लगने से जल कर राख हो गयी. अगलगी से लगभग साठ हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. घटना की सूचना पाकर डुमरांव स्थित बंधन पटवा रोड निवासी किसान उमेश कुमार पांडेय अपने खेत पहुंचे तब तक सब कुछ जल कर राख हो चुका था. अगलगी की घटना को लेकर किसान श्री पांडेय ने बताया कि चार बीघे में लगी धान की फसल दो दिन पूर्व कटनी कर बंडल बना कर खेत में रखी गयी थी. जबकि खेत में बटाईदार सह रख वार सोनू कुमार रात्रि पहर धान के बोङो के समीप सोया था. अचानक रात्रि करीब 12 बजे धान के बोङो से आग की तेज लपटें उठने लगी. जिसे देख सोनू ने गांव में पहुंच शोर मचाया. कुछ ही क्षणों के बाद सब कुछ जल कर स्वाहा हो गया. किसान श्री पांडेय ने आशंका जाहिर करते हुए बताया कि धान के बोङो पर ज्वलनशील पदार्थ डाला गया है. इस बार धान की पैदावार अच्छी होने के कारण कुछ लोगों की जलन हो रही थी. उन्होंने बताया कि मेरे भरण पोषण का जरिया एक मात्र खेती था. आग लगने के बाद मैं दाने-दाने को मोहताज हो गया हूं. वहीं, बटाईदार की भी यही स्थिति है. अगलगी के बाद दोनों परिवारों के बीच भुखमरी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. इधर नावानगर प्रतिनिधि के अनुसार सिकरौल थाना के भोला चौधरी के डेरा गांव निवासी भृगुनाथ चौधरी के खलिहान में रखे 3 एकड़ धान का बोझा जल कर राख हो गया. ग्रामीणों ने धान को जलने से बचाने का अथक प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल पायी. आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं मिल पायी है.
