डुमरांव नगर परिषद में अनियमितता उजागर कार्यपालक पदाधिकारी पर होगी कार्रवाई
लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने परिवाद को सही पाया
डुमरांव
. नगर परिषद डुमरांव में विकास कार्यों और उपकरण खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर परिवाद पर बड़ा फैसला सामने आया है. अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, डुमरांव कुमारी मनीषा ने जांच के बाद परिवादी नीलकांत धीरज के आरोपों को सही ठहराते हुए तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है. यह परिवाद 10 फरवरी को दायर किया गया था, जिसमें डेकोरेटिव लाइट, हाई मास्ट लाइट, कम्पेक्टर मशीन, डस्टबिन और सड़क निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और लूट-खसोट का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई 25 फरवरी से लेकर 27 अप्रैल 2026 तक कई चरणों में हुई. जांच के दौरान नगर परिषद से मांगे गए प्रतिवेदन में कई खामियां सामने आईं. निरीक्षण में पाया गया कि कई हाई मास्ट लाइट खराब हैं और कुछ दिन-रात लगातार जल रही हैं. कम्पेक्टर मशीन में एसी नहीं है और उसका हाइड्रोलिक सिस्टम मैनुअल है. डेकोरेटिव लाइटों में कई का बिजली कनेक्शन तक नहीं किया गया है. इसके अलावा 1000 लीटर के डस्टबिन स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं पाये गये. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने प्रतिवेदन और तथ्यों के आधार पर स्पष्ट किया कि परिवाद में सत्यता है. इसके बाद तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ दंडात्मक अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. साथ ही आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी, बक्सर को भेजने का निर्देश दिया गया है. इस निर्णय से नगर परिषद के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश गया है.