सेवा के नाम पर कर रहे मटरगश्ती

नावानगर : नावानगर पशु अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक अक्सर गायब रहते हैं. डॉक्टर साहब का नहीं आना नावानगर प्रखंड के पशुपालकों के लिए मुसीबत बन गयी है. पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इन दिनों क्षेत्र में गला घोटू महामारी की चपेट में आने से पशुओं की मौत हो रही है. […]

नावानगर : नावानगर पशु अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक अक्सर गायब रहते हैं. डॉक्टर साहब का नहीं आना नावानगर प्रखंड के पशुपालकों के लिए मुसीबत बन गयी है. पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इन दिनों क्षेत्र में गला घोटू महामारी की चपेट में आने से पशुओं की मौत हो रही है.

पशुओं का टीकाकरण नहीं होने से बीमारी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. इसके चलते पशुपालकों में हाहाकार मचा हुआ है. इधर डॉक्टर साहब की मनमानी को से पशुपालकों को कोई सरकारी सहायता भी नहीं मिल रही. पशुपालकों विभाग की निष्क्रियता व सरकारी डॉक्टर के नहीं रहने का फायदा क्षेत्र के झोला छाप डॉक्टर उठा रहे हैं. प्रखड क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टरों की एक फौज खड़ी हो गयी है.

ऐसे पशु चिकित्सक पशुपालकों का आर्थिक दोहन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे. वहीं, पशुपालकों द्वारा वरीय अधिकारियों से डॉक्टर के नहीं रहने की सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई आज तक नहीं हो पायी. पशु चिकित्सक के नहीं आने से स्थिति और विकट हो गयी है.

मारे-मारे फिर रहे हैं पशुपालक
पशुओं की बीमारी से परेशान पशुपालक प्रतिदिन प्रखंड कार्यालय आते हैं, लेकिन डॉक्टर के नदारद रहने से उन्हें कोई सहायता नही मिलती.बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि पशु चिकित्सक के गायब रहने कि जानकारी पशुपालन विभाग व जिला प्रशासन को दे दी गयी है. साथ ही डॉक्टर के वेतन पर रोक लगाने की अनुशंसा भी की गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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