दुधमुंहीं बच्ची को रेलवे स्टेशन पर छोड़ गयी मां

बक्सर : ममता की मूरत मां के सामने चाहे कितनी भी मजबूरियां क्यों न हो, वह अपने बच्चे को कलेजे से कभी भी दूर नहीं हटा सकती है, लेकिन बदलते समाज के ताने-बाने और वर्तमान परिस्थितियां मां की ममता को कमजोर कर दिया है. ऐसा ही कुछ रविवार की देर रात बक्सर रेलवे स्टेशन पर […]

बक्सर : ममता की मूरत मां के सामने चाहे कितनी भी मजबूरियां क्यों न हो, वह अपने बच्चे को कलेजे से कभी भी दूर नहीं हटा सकती है, लेकिन बदलते समाज के ताने-बाने और वर्तमान परिस्थितियां मां की ममता को कमजोर कर दिया है.

ऐसा ही कुछ रविवार की देर रात बक्सर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला. दरअसल एक कलियुगी मां ने जन्म के बाद अपने दुधमुंहीं बच्ची को रेलवे स्टेशन के पूर्वी दिशा स्थित माल गोदाम के समीप कपड़े में लपेट कर छोड़ दी. रात भर नवजात बच्ची रो-रो कर अपनी पीड़ा युक्त आवाज से मदद की गुहार लगा रही थी.
इस दौरान सुनसान जगह पर बच्ची रात भर रोते रही. शुक्र था कि उसपर कुत्ते-बिल्लियों की नजर नहीं गयी थी. गश्ती के दौरान जीआरपी थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार को बच्ची की रोने की आवाज सुनायी पड़ी जो फौरन मदद के लिए पहुंच गये.
लावारिस पड़ी बच्ची को तुरंत गोद में उठाया और इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्ची को मच्छरों ने बुरी तरह काटा है, जिससे बच्ची के चेहरे पर मच्छर के काटने से बने जख्म दिखायी दे रहे थे.
बच्ची को महिला सिपाही व ग्रामीण महिलाओं की सहयोग से सदर अस्पताल में भरती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसे चाइल्ड लाइन को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सौंप दिया गया. सोमवार को चाइल्ड लाइन ने बच्ची को पटना बाल कल्याण समिति को सौंपने के लिए पटना ले गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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