भूमि रहते भवनविहीन है जिले का मुरार थाना

चौगाईं : मुरार थाना लगभग 35 सालों से किराये के मकान में चल रहा है. ऐसा नहीं है कि थाने का अपना भूमि नहीं है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण आज तक इसे अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है. मुरार थाने के नाम से जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है़ फिर भी […]

चौगाईं : मुरार थाना लगभग 35 सालों से किराये के मकान में चल रहा है. ऐसा नहीं है कि थाने का अपना भूमि नहीं है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण आज तक इसे अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है. मुरार थाने के नाम से जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है़ फिर भी 35 सालों से एक किराये के मकान में चल रहा है.

मुरार के रहनेवाले कुमार बक्सी प्रसाद व अनूप कुमार सिन्हा थाना बनवाने के लिए अपनी जमीन दान में दी है. बता दें कि तीन चार दशक पहले इस इलाके में नक्सलियों का बोल बाला हुआ करता है़ यह इलाका तब डुमरांव थाना के अंतर्गत आता था़ थाने की दूरी ज्यादा होने के चलते नक्सली व अपराधी जम कर फायदा उठाते थे़

अक्सर हत्या, लूट जैसी वारदातें हुआ करतीं थीं. 25 जनवरी की रात बक्सी प्रवीण कुमार के घर घुस कर डकौतों ने उनके ड्राइवर एवं नौकर को गोली मार कर हत्या कर दी़ लिहाजा लगातार हो रही नक्सली और आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए मुरार में थाना खोलने का निर्णय लिया गया़

25 मार्च 1981 को सूबे के तत्कालीन मुख्य सचिव सीपी नैय्यर ने मुरार गांव में थाने का उद्घाटन किया और भवन के अभाव में किराये के कमरे में किसी तरह थाने का संचालन शुरू किया गया़ तब से लेकर अब तक लगभग 35 सालों से थाना इसी किराये के मकान में चल रहा़ थाना बनाने के लिए जमीन वर्षों से खोजी जा रही थी,
लेकिन जमीन नहीं मिल पायी. आखिरकार मुरार के रहनेवाले बक्सी प्रवीण कुमार एवं अनूप कुमार सिन्हा ने 50 डिसमिल जमीन थाने के नाम से रजिस्ट्री कर दी है. इसके बाद भी भवन निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो सका.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >