17 को छठ, घाट बदहाल
बक्सर : बक्सर उत्तरायणी गंगा मइया में छठ करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नगर के प्राय: सभी घाटों पर तैयारी की जाती है. घाटों पर सुरक्षा को देखते हुए घाटों की बैरिकेडिंग, सफाई, सुरक्षा के लिए वॉच टावर एवं लाइटिंग की व्यवस्था की […]
बक्सर : बक्सर उत्तरायणी गंगा मइया में छठ करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नगर के प्राय: सभी घाटों पर तैयारी की जाती है.
घाटों पर सुरक्षा को देखते हुए घाटों की बैरिकेडिंग, सफाई, सुरक्षा के लिए वॉच टावर एवं लाइटिंग की व्यवस्था की जाती है. तैयारी दो सप्ताह पूर्व से ही शुरू हो जाती है.व्यवस्थाओं के लिए नगर पर्षद द्वारा लाखों खर्च किये जाते हैंै. बावजूद छठ तक तैयारी अधूरा ही रह जाती है. प्रशासन द्वारा घाटों की सफाई लगभग पूर्ण होने का दावा किया गया जा रहा है, लेकिन कचरा अभी भी घाटों पर लगा हुआ है.
कितने का हुआ टेंडर
छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नगर के सभी गंगा घाटों पर लाखों रुपये खर्च कर तैयारी की जाती है,लेकिन अभी यह तैयारी पूरी तरह जमीन पर नहीं दिख रही हैं. बता दें कि इस वर्ष भी नगर पर्षद द्वारा घाटों पर चाक-चौबंद व्यवस्था करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पांच नवंबर को एक लाख 84 हजार रुपये से बैरिकेडिंग, एक लाख 24 हजार रुपये से बालू भराई, 34 हजार के वॉच टाॅवर, पुराने दर पर लाइटिंग की व्यवस्था करने का टेंडर दिया गया है, लेकिन काम में सुस्ती दिख रही है.
सुस्त दिख रहीं एजेंसियां
पांच नवंबर को ही छठ घाटों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए टेंडर हो चुका है. सभी कार्य अलग-अलग एजेंसियों को सौंपे गये हैं, पर इन एजेंसियों का कार्य अभी घाटों पर नहीं दिख रहा है.
घाटों पर कितना हुआ कार्य
नगर पर्षद द्वारा तो कार्य पूर्ण होने की बात कही जा रही, लेकिन कार्य किसी घाट पर नहीं दिख रहा है. सर्वाधिक प्राचीन एवं धार्मिक मान्यता वाला घाट रामरेखा घाट की स्थिति भी यथावत बनी हुई है. छठ में महज तीन दिन बाकी है, न घाटों पर बालू भराई की गयी है, न बैरिकेडिंग की शुरुआत की गयी है और न ही पूर्ण साफ-सफाई की गयी है. जबकि सफाई के लिए 12 नवंबर से 50 मजदूर लगातार कार्य कर रहे हैं.
क्या कहते हैं नप के जेइ
छठ की तैयारी के तहत निर्धारित कार्यों के लिए एजेंसियों को टेंडर पांच नवंबर को ही कर दिया गया है. सभी कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं. सफाई का कार्य नप के जिम्मे है. इसके लिए 12 नवंबर से 50 की संख्या में मजदूर लगाये गये हैं. ये मजदूर सभी घाटों की सफाई कर दिये हैं.
संदीप पांडेय, नगर पर्षद के जेइ
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
गोला घाट स्थित समिति सदस्य अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर न सफाई की गयी है और न ही अभी किसी तरह की व्यवस्था की गयी है. सफाई घाट पर समिति के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों द्वारा किया गया है.
रामरेखा घाट स्थित गंगा आरती के पुजारी लाला बाबा ने कहा कि सर्वाधिक भीड़ एवं अतिमहत्वपूर्ण घाट रामरेखा घाट पर सरकारी सुविधा छठ को लेकर कुछ भी नहीं है. इस घाट पर न सफाई हुई है, न यहां स्थित हाइ मास्ट लाइट ही ठीक हो पाया है.