बक्सर : दलसागर मैदान में जिला भू-अर्जन विभाग द्वारा एनएच 84 के लिए लगाये गये शिविर में सभी मौजा के किसानों ने भागीदारी निभायी. जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों ने अपनी-अपनी राय रखी. गुरुवार को आयोजित इस शिविर में जिला भू-अर्जन विभाग के कानूनगो ने किसानों को बताया कि 2009 के गजट में जिस प्रकार से भूमि स्वरूप का प्रकाशन हुआ है,
उसी हिसाब से किसानों की जमीनों का हिसाब-किताब किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि 1891 में अंगरेजों ने भू-अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर जो व्यवस्था दी है,
उसका पालन किया जायेगा और उसी के दर से किसानों को भुगतान भी किया जायेगा. विभाग के इस फैसले को लेकर किसानों ने विरोध जताया और सरकार विरोधी नारे लगाये. किसानों ने कहा कि जमीन का भुगतान व्यावसायिक दर के चार गुना राशि के हिसाब से मुआवजा जब तक नहीं मिलेगा, तब तक सरकार को जमीन नहीं दी जायेगी. किसानों के विरोध के बाद शिविर में आये भूस्वामी उग्र हो गये और शिविर का बहिष्कार कर चले गये.
शिविर में आये किसानों में गणेश राम, बलिराम दुबे, ईश्वर चंद्र, विद्या सागर, पुनीत कुमार, राम निवास सिंह, युसूफ खान, इसरार खां, शकील खान, विजयशंकर राय, रामराज महतो, दिग्विजय सिंह, छठू पांडेय, श्रीराम यादव समेत दर्जनों भूधारी शामिल हुए थे.
