बक्सर/केसठ : जिले समेत प्रखंड के कई गांवों में रविवार की देर शाम बेमौसम बारिश हुई, जिससे कई किसानाें में खुशी दिखी और कई में मायूसी. बारिश से किसानों की आलू की फसल बरबाद हो सकती है तथा आर्थिक क्षति झेलनी पड़ सकती है. धान को जब बारिश की आवश्यकता थी,
उस वक्त किसानों को फसल को बचाने के लिए महंगे डीजल खरीद कर सिंचाई करनी पड़ी. वहीं, अब हुई बारिश से आलू की बुआई कुप्रभावित होगी. किसानों के लिए आलू का फसल नकदी फसल है. वहीं कृषि वैज्ञानिक देवकरण ने बताया कि आलू की फसल के लिए किसान पानी की निकासी की व्यवस्था कर लें और जो बुआई नहीं कर पाये हैं
वे खेत के सूखने पर ही बुआई करें. वहीं, धान की फसल में अधिक पानी नहीं रखें, ताकि फसल गिरने की संभावना न रहे. वहीं केसठ प्रतिनिधि के अनुसार रविवार को बेमौसम हुई बारिश से किसानों के चेहरे पीले पड़ गये हैं. क्योंकि खेतों लगे आलू के बीज के सड़ने की उम्मीद है.
