बक्सर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक बार फिर आरक्षण व्यवस्था पर जोर दिया और कहा कि इसे बनाये रखने के लिए मैं जान की बाजी भी लगा दूंगा. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मिल कर लालू-नीतीश पिछड़े-अति पिछड़ों के आरक्षण कोटे से 5% काट कर दूसरे धर्मवालों को देने की साजिश कर रहे हैं.
बक्सर के हवाई अड्डा मैदान में आयोजित सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि आरक्षण को हटाने या घटाने जैसी बात गलत है. उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अांबेडकर और देश के संविधान निर्माताओं ने कहा था कि धर्म के नाम पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों आरक्षण को 50 फीसदी से अधिक बढ़ाने पर रोक लगा दी थी.
दलितों, पिछड़ों के आरक्षण में से पांच फीसदी की कटौती करने की साजिश चल रही है. मैं भी गरीब, पिछड़ा और चाय बेचनेवाले का बेटा हूं. अगर आरक्षण को हटाने और उसकी व्यवस्था को बदलने की साजिश किसी स्तर पर हुई, तो मैं जान की बाजी लगा दूंगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव का जदयू नेताओं ने किया था. उनके साथ मैडम सोनिया ने कैसे समझौता कर लिया.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि नीतीश के कंप्यूटर में ‘लालू’ नाम का वायरस लग गया है. यह जंगलराज को बढ़ायेगा. अपहरण, अपराध, महिला उत्पीड़न जैसे पाप उनसे जुड़े हैं. बिहार की दो पीढ़ियों को डूबानेवाले ऐसे नेता से चुनाव में जनता चुन-चुन कर हिसाब लेगी.
पीएम ने कहा कि बिहार के लिए कुल एक लाख 65 हजार करोड़ का पैकेज दिया है. इससे लोगों का जीवन बदल जायेगा. मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि 21वीं सदी में बिहार के लोगों को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए थी, पर पिछली सरकारों ने कोई काम नहीं किया. नीतीश बाबू युवाओं को कंप्यूटर देने की बात करते हैं, लेकिन बिना बिजली के वह कैसे चलेगा? उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दे पर कभी लालू-नीतीश चर्चा नहीं करते.
रोज शाम की समीक्षा में लालू जी कहते हैं कि मैंने पीएम को चार चांटे मारे. तब नीतीश कहते हैं कि मैंने पांच चांटे मारे. फिर कल अधिक चांटे मारने की बात पर चर्चा खत्म कर देते हैं. पीएम ने कहा कि पांच-सात दिन बचे हैं. आपके पास जितनी गालियां हैं, दे दो. जितना कीचड़ उछालोगे, उतना ही कमल खिलेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के सवाल पर बिहार के नेता चुप क्यों हैं? बिहार की धरती और लोगों के लिए उन्होंने छह सूत्री संकल्प भी व्यक्त किया.
मंत्र-तंत्र चाहिए या लोकतंत्र जनता करे फैसला
पीएम ने कहा िक लालू प्रसाद और नीतीश कुमार भाजपा की जबरदस्त रैलियों से बेचैन हैं. जंतर-मंतर का जाल फेंक रहे हैं. अब बिहार की जनता को फैसला करना है कि उन्हें मंत्र-तंत्र चाहिए या लोकतंत्र. जनता की ओर इशारा कर मोदी ने पूछा, ताबीज पहन कर देश चलाया जा सकता है क्या, बिहार के लोगों को नौकरी दी जा सकती है क्या?
बिहार को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का फैसला अब जनता को करना है. सार्वजनिक जीवन से बुराइयों को नहीं हटायेंगे, तो अच्छाइयां सामने नहीं आयेंगी. 25 सालों तक आप पर जुल्म करनेवालों पर आठ तारीख को फैसला आनेवाला है. भोजपुरी में जनता का अभिवादन कर कर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत की. कहा, देश का विकास चंद राज्यों के आगे बढ़ने से नहीं, बल्कि बिहार समेत उत्तर पूर्वी प्रदेशों के समृद्ध होने से होगा. हिंदुस्तान में दूसरी हरित क्रांति बिहार से ही आयेगी.
