बक्सर : बाबा भीम राव अांबेडकर ने धर्म निरपेक्ष देश के लिए सभी धर्मों को ध्याम में रख कर संविधान तैयार किया था. उसमें दलित, महादलित एवं आदिवासी समुदायों को सामाजिक दृष्टि से उत्थान के लिए जिस आरक्षण का प्रावधान किया है. उसे समाप्त करने की पहल शुरू कर दी गयी है.
आरक्षण समाप्त करने की साजिश रचनेवाले दल और राजनीतिज्ञों को मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा. गरीबी, बेरोजगारी बड़े पैमाने पर बढ़ा है. बिहार में भी स्थिति बद से बदतर हुई है. उच्च वर्गों के गरीब लोगों को भी आरक्षण आर्थिक आधार पर दिये जाने की पहल मैंने शुरू की है, जिस पर सरकारी तौर पर अब तक पहल नहीं किया जा सका है. सरकारों की नीति व योजना पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने तक ही सीमित रह गया है.
बसपा पार्टी अपने विचारधारा एवं सिद्धांतों पर चलते हुए किसी पार्टी से समझौता नहीं किया. ज्यादातर समय बिहार की सत्ता यहां के गलत स्थानीय पार्टियों के हाथों में रहा है. अधिकांश पार्टियों देश व राज्यों में पूंजीपतियों के पैसे सत्ता में आती रही हैं. इसलिए ये पार्टियां उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए योजना बनाती रही हैं.
आजादी के बाद बिहार में कांग्रेस, भाजपा, क्षेत्रीय दलों राजद, जदयू की सरकारें रही हैं. सभी भ्रष्टाचार में लिप्त रही हैं. भाजपा पर मायावती खूब बरसीं और कहा कि संविधान में उल्लेखित आरक्षण को केंद्र सरकार समाप्त करना चाहती है. बिहार में भाजपा की सरकार बनने पर आरक्षण का बिहार में फायदा कम मिलेगा. चुनाव सभा में मायावती ने डुमरांव से प्रत्याशी प्रदीप कुमार उर्फ मिल्लू चौधरी तथा बक्सर से प्रत्याशी सरोज राजभर के लिए वोट मांगे. बिहार के प्रभारी राम अचल राजभर समेत उत्तरप्रदेश और बिहार के बसपा के कई नेता और पूर्व मंत्री शामिल हुए.
