बक्सर, कोर्ट : यह सुन कर अजीब सा लग रहा है कि हाथों में इंसास एवं एसएलआर जैसे घातक हथियारों को अपने पास रखने के बाद भी न्यायालय परिसर में ड्यूटी बजा रहे जवानों को अपनी सुरक्षा लकड़ी एवं रबर के बने मामूली से गुलेल से करनी पड़ रही है, लेकिन यह सच्चई है.
बताते चलें कि बंदरों की समस्या से जूझ रहे सिविल कोर्ट में दिन-रात रह कर ड्यूटी करनेवाले सैप के जवान अपनी सुरक्षा को लेकर खासे परेशान हैं. न्यायालय के उत्तरी छोर पर खाली पड़े एफटीसी भवन में इन इन पुलिस कर्मियों का बसेरा रहता है. यहां के पेड़ों पर सैकड़ों की तादाद में बंदर कूदते रहते हैं.
दिन भर तो न्यायालय परिसर में लोगों की भीड़ रहने के कारण बंदरों का खौफ सुबह शाम की तुलना कम रहता है, लेकिन लोगों के जाने के बाद इनका साम्राज्य शुरू हो जाता है. ऐसे में लकड़ी के बने गुलेल के सहारे ये अपनी सुरक्षा करते देखे जाते हैं.
