20 दिनों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंद है पोषाहार
डुमरांव : प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बीस दिनों से पोषाहार बंद है. बाल विकास परियोजना का कुल 28 लाख 41 हजार की राशि ट्रेजरी में भुगतान लिए फंसा हुआ है,जिससे 210 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे पोषाहार से वंचित हैं.
केंद्र पर मिलनेवाली राशि और किशोरियों को मिलने वाले पोषाहार का वितरण भी नहीं हो सका है.नियमों के इस पेच में वैसे बच्चे जो कुपोषित हैं, वे भी लाभ से वंचित हैं. सीडीपीओ कार्यालय की मानें, तो पोषाहार मद में राशि के भुगतान के लिए अलग-अलग दो विपत्र भेजे गये हैं. वहीं, ट्रेजरी के मुताबिक पोषाहार मद में एक विपत्र 12 लाख 71 हजार और दूसरा 15 लाख 70 हजार का है. वहीं, सीडीपीओ कार्यालय की मानें, तो वित्त विभाग का पत्र जून माह में मिला है. जबकि पोषाहार मद की राशि मई माह से संबंधित है. पोषाहार बंद रहने से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषाहार बनने का सिलसिला थम गया है.
क्या है बीटीसी-64 प्रपत्र : बीटीसी-64 के फॉर्मेट के भुगतान के लिए दुकानदार का रेभन्यू स्टंप पर हस्ताक्षर युक्त विपत्र देय होगा. वहीं, शहरी इलाकों में केंद्रों की ओर से खरीद पर निबंधित दुकानदार का वाउचर संलग्न होगा. इसके अलावे आंगनबाड़ी केंद्र पर बनाये गये समिति से जुड़े अध्यक्ष और सचिव के हस्ताक्षर सहित विपत्र पर सीडीपीओ का हस्ताक्षर आवश्यक होगा.
क्या कहतीं हैं सेविका
आंगनबाड़ी सेविका कहतीं हैं कि केंद्रों का अभी दो वर्षो अधिक समय का मकान का किराया और चार-पांच माह से वेतन नहीं मिला है. ऊपर से ऐसे नये-नये नियमों के चलते पोषाहार बंद होने से केंद्र के संचालन में काफी परेशानी हो रही है. पोषाहार बंद होने से लगातार बच्चों की संख्या में कमी आ रही है.
क्या कहती हैं सुपरवाइजर
बाल विकास परियोजना कार्यालय की सुपरवाइजर संजू कुमारी कहतीं हैं कि जिला मुख्यालय से निर्देश मिलते ही नये फॉर्मेट पर वाउचर जमा किया जायेगा.
