बक्सर : गैस सब्सिडी पाने के लिए गैस उपभोक्ताओं ने डीबीटीएल फॉर्म तीन माह पूर्व ही जमा कर दिया है. जिनके खाते में राशि जा भी रही है. वहीं, कुछ उपभोक्ताओं के खाते में राशि नहीं पहुंच रही है. ये उपभोक्ता 30 जून तक अपने संबंधित एजेंसी के पास डीबीटीएल फॉर्म को भर कर बैंक पासबुक के साथ जमा कर सकते हैं. वहीं, जो उपभोक्ता अभी तक डीबीटीएल फॉर्म जमा नहीं किये हैं.
गैंस सब्सिडी लेने के लिए मात्र चार दिन
बक्सर : गैस सब्सिडी पाने के लिए गैस उपभोक्ताओं ने डीबीटीएल फॉर्म तीन माह पूर्व ही जमा कर दिया है. जिनके खाते में राशि जा भी रही है. वहीं, कुछ उपभोक्ताओं के खाते में राशि नहीं पहुंच रही है. ये उपभोक्ता 30 जून तक अपने संबंधित एजेंसी के पास डीबीटीएल फॉर्म को भर कर बैंक […]

उनके खाते में पिछले तीन महीने की सब्सिडी राशि 30 जून के बाद नहीं पहुंचेगी. विभागीय सूत्रों के अनुसार 30 जून के पूर्व सभी उपभोक्ताओं को अपना डीबीटीएल करा लेना है. इसके बाद दुबारा फॉर्म एजेंसियां नहीं स्वीकार करेंगी. बता दें कि डीबीटीएल फॉर्म भरने का अंतिम समय पिछले 31 मार्च तक ही था, लेकिन ग्राहकों की संख्या व परेशानी को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ा कर 30 जून तक कर दी थी.
* बक्सर में 10 प्रतिशत लोगों का नहीं हुआ है डीबीटीएल : जिले में करीब 62 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं. अब तक 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने डीबीटीएल करा लिया है. अब तक 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ही डीबीटीएल नहीं हुआ है. एजेंसियों के अनुसार 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने डीबीटीएल के लिए कोई आवेदन भी नहीं दिया है.
ग्राहकों की परेशानी : कुछ ऐसे भी ग्राहक हैं, जिनका डीबीटीएल हुआ है, लेकिन पैसा उनके खातों में नहीं पहुंच रहा है. उपभोक्ता बैंक और एजेंसी का लगातार चक्कर लगा रहे हैं.
बैंक प्रबंधक उन्हें, एजेंसी के यहां जाने को कहते हैं, तो वहीं एजेंसी प्रबंधक अपने यहां सब कुछ ठीक होने का दावा कर बैंक के पास भेज देते हैं. बैंक और एजेंसी के चक्कर में फंस कर उपभोक्ता परेशान हैं. उपभोक्ता इसकी शिकायत कहां करें यह समझ से परे हैं. उपभोक्ताओं को यह डर है कि उनका पैसा कहीं डूब न जाये.
भारत गैस एजेंसी से जुड़ा कुंवर ज्योति गैस के कुछ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने मध्य बिहार ग्रामीण बैंक का खाता संख्या दिया था. एजेंसी के अनुसार उक्त बैंक का खाता अब तक कंपनी एडप्ट नहीं किया है, जिसके कारण उपभोक्ताओं का पैसा उनके खाते में नहीं पहुंच रहा है. एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि कंपनी को इसकी शिकायत की गयी है.
जिसे गंभीरता से सुना गया है. बाद में कंपनी इस एकाउंट को एडप्ट कर लेगी. वहीं, इसके बदले किसी दूसरे बैंक का एकाउंट नंबर एजेंसी स्वीकार नहीं कर रही है. जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी बनी हुई है. मध्य बिहार बैंक से जुड़े उपभोक्ता शशि प्रकाश और राजेश कुमार समेत अन्य ने बताया कि एजेंसी उन्हें सब्सिडी की राशि डूबने का भय बना हुआ है.
* डीबीटीएल की करें जांच : जिनका डीबीटीएल हुआ है और खाते में सब्सिडी की राशि नहीं पहुंच रही है. वे एजेंसी पहुंच कर डीबीटीएल की जांच करायें. डीबीटीएल नहीं होने पर पुन: कागजात दे कर डीबीटीएल करायें
डीबीटीएल के लिए करें जमा कागजात : खाता की छाया प्रति, गैस पासबुक की छाया प्रति, फार्म नंबर 4
* क्या कहते हैं प्रबंधक
30 जून तक ही सब्सिडी मिलने की जानकारी कंपनी की ओर से अब तक लिखित नहीं मिली है. कंपनी से बात की जा रही है. लेकिन, जिनके खाते में पैसा नहीं जा रहा है. वे एजेंसी में आकर अपना डीबीटीएल जांच कर लें. उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं होने दिया जायेगा.