प्रभात खबर की पहल. प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ हुई कैरियर काउंसेलिंग
बक्सर : रेलवे, एसएससी, बैंक, एलडीसी क्लर्क समेत कई प्रतियोगिताओं परीक्षाओं की तैयारी करनेवाले बच्चों की काउंसेलिंग महावीर कोचिंग संस्थान में करायी गयी, जिसमें दो सौ से अधिक बच्चों ने भाग लिया. बच्चों को एक्सपर्ट ने टिप्स दिये. इन प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए प्राय: बच्चों ने गणित की कठिनाई की चर्चा की.
जबकि, कुछ बच्चों ने जेनरल साइंस एवं रिजनिंग को अपनी कठिनाइयों का कारण बताया. बच्चों को इन कठिनाइयों से निबटने के लिए एक्सपर्ट ने कई टिप्स दिये. महावीर कोचिंग संस्थान के निदेशक मणिकांत सिंह ने बताया कि बैंक पीओ और एसएससी की तैयारी करनेवाले बच्चों को रटना नहीं चाहिए, बल्कि कनसेप्ट क्लियर करना चाहिए. आज के दिनों में जो प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा रहे हैं, उसमें डायरेक्ट फॉमरूले पर आधारित कुछ नहीं आता. टेढ़े-मेढ़े सवाल पूछे जाते हैं, जिसका निदान बच्चे तभी कर सकते हैं. जब उनका कन्सेप्ट क्लियर हो. बच्चों को अगर बेसिक ठीक रहेगा, तो बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा कर पायेंगे.
बच्चों के लिए अच्छा होगा वे प्रीवीएस पेपर को हल कर प्रैक्टिस करें, तो अच्छा लाभ मिल सकता है. वहीं, इडु नेक्सट कोचिंग के निदेशक द्वय धनंजय कुमार व एसएस यादव ने कहा कि आज पैटर्न ताजा जीके का ज्यादा हो गया है. मध्य कालीन इतिहास और प्राचीन कालीन इतिहास के सवाल भी घुमा कर पूछे जाते हैं.
इसलिए जरूरी है कि बच्चे अपडेट रहें और अखबार की खबरों को नियमित पढ़े, तभी लाभ मिल सकता है. वहीं, निदेशक धनंजय कुमार ने कहा कि कंप्यूटर की शिक्षा आज अनिवार्य है. हर प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर भले ही न हो, मगर इसका ज्ञान जरूरी है. जीवन में कदम-कदम पर इसका उपयोग होता है. बैंकिंग और एसएससी की तैयारी करानेवाले गणित और रिजनिंग के शिक्षक मदन सिंह कहते हैं कि मेहनत करना आज के प्रतियोगी छात्रों के लिए पहली शर्त है. छात्र प्रश्नों पर फोकस करके तैयारी करें, तभी सफलता मिलेगी. जानकारों ने कैरियर काउंसेलिंग में पहुंचे छात्रों को कहा कि नयी-नयी किताबों व पत्रिकाओं को भी हमेशा पढ़ते रहे हैं तथा अखबारों में छपनेवाली बड़ी खबरों को जरूर नोट करें.
