डुमरांव : बाल विकास परियोजना कार्यालय में परवरिश योजना को लेकर सीडीपीओ कलावती कुमारी ने डीएम रमण कुमार के निर्देश पर सुपरवाइजरों के साथ बैठक की. इस दरम्यान कहा कि जिला से प्रखंड को 195 का लक्ष्य दिया गया है.
इसको लेकर सीडीपीओ ने उपस्थित सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका से अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कर इससे जुड़नेवाले लाभार्थी को जोड़ने को लेकर फॉर्म भर कार्यालय में जमा करे
अगर पोषक क्षेत्र में एक भी ऐसे लाभुक नहीं हो, तो प्रतिवेदन जमा करने की बात कहीं. इस दरम्यान सीडीपीओ ने बताया कि सबसे अधिक समस्या जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर आ रही है़ उन्होंने बताया कि मान लें कि बच्चे के माता-पिता नहीं हैं और दादा, दादी उस हालत में माता-पिता की भूमिका निभा रहे हैं, तो मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत होती है, जो मिल नहीं पाती है़ क्योंकि लाभुक के खाते में ही राशि उपलब्ध होती है़ वहीं, अनाथ बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है, लेकिन जन्म प्रमाणपत्र व मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर परवरिश योजना में जुड़नेवाले वंचित हो जाते है़ं
उन्होंने बताया कि इसमें अनाथ, लावारिस, एड्स व कुष्ठ रोग के बच्चे शामिल होते है़ वहीं, माता-पिता को कुष्ठ रोग, एड्स पीड़ित हो और 60 हजार से कम आयवाले अगर हैं, तो उनके बच्चे को परवरिश योजना में शामिल किया जा सकता है. मौके पर संजू कुमारी, अर्चना कुमारी, पुष्पा देवी, फिरोजा बानों मौजूद थीं.
