बक्सर/डुमरांव/चौसा : जिले में शुक्रवार को आयी आंधी-पानी ने एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर खुशी लायी है. वहीं, दूसरी ओर सिमरी, चौसा, ब्रह्मपुर, केसठ आदि प्रखंडों में झोंपड़ीनुमा घर बना कर रह रहे गरीबों के आशिना को उजाड़ दिया है.
डुमरांव स्टेट हाइवे पर पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा. वहीं, बक्सर शहर में कई घंटे बिजली गुल रहने से शहरवासी रात भर अंधेरे में रहे और पंखा, कुलर नहीं चलने से रात भर सो नहीं सके.
74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी आंधी : मौसम विभाग के अनुसार आंधी 29 से 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही थी. वहीं, रात 11 बजे तक रूक-रूक बारिश होते रही. इस दौरान शहर में कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गयी.
पेड़ गिरने से स्टेट हाइवे पर यातायात रहा बाधित : डुमरांव के मुगांव डेरा कोरानसराय व केसठ राजवाहा नगर मार्ग पर आम के पेड़ गिर जाने से करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा. पेड़ को ग्रामीणों ने काट कर सड़क से हटाया, तब जाकर यातायात सुचारु रूप से शुरू हो सका.
बाजार में आम का भाव गिरा : बक्सर, डुमरांव, केसठ, सोनवर्षा, नावानगर, चौगाईं आदि बाजारों में तेज शनिवार को कच्च व पक्के आम की उपलब्धता और दिनों से ज्यादा देखने को मिली. आंधी में टूटे आम को खरीदने के लिए शनिवार के दिन बाजार में ज्यादा संख्या में लोग पहुंचे थे.
स्थानीय बाजारों में मालदह आम 40 रुपये प्रति किलो से घट कर 25 रुपये प्रति किलो तक बिका. वहीं, आचार के लिए कच्च आम लेने के लिए भी लोगों की भीड़ बाजारों में काफी देखी गयी. 20 रुपये तक बिकनेवाला कच्च आम शनिवार के दिन बाजारों में 10 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका.
खेत तैयार करने में जुटे किसान
मौसम की पहली बारिश से किसानों में काफी खुशी है. खरीफ की खेती करनेवाले किसान खेतों की सफाई करने में जुट गये हैं. किसान शिव शंकर, संतोष दुबे, राजू दुबे, दिनेश सिंह आदि ने बताया कि इस बारिश से खेत को तैयार करने में काफी मदद मिलेगी. खेत से घास निकालने में अब ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होगी.
