गरमी में ठेहुना भर पानी, तो बरसात में क्या होगा हाल ?

जलजमाव से परेशान होकर लोगों ने जलाया अधिकारियों का पुतला गरमी के मौसम में नेहरू नगर के लोग जलजमाव की ऐसी समस्या ङोल रहे हैं, जो लोग बरसात के दिनों में भी शायद नहीं ङोल पाते. कई महीनों से जलजमाव होने के कारण पानी से इतना बदबू आ रहा है कि लोग घर में खाना […]

जलजमाव से परेशान होकर लोगों ने जलाया अधिकारियों का पुतला
गरमी के मौसम में नेहरू नगर के लोग जलजमाव की ऐसी समस्या ङोल रहे हैं, जो लोग बरसात के दिनों में भी शायद नहीं ङोल पाते. कई महीनों से जलजमाव होने के कारण पानी से इतना बदबू आ रहा है कि लोग घर में खाना भी नहीं खा पा रहे हैं.
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नेहरू नगर के लोग कई बार स्थानीय स्तर पर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन न अधिकारी सुन रहे हैं और नाही जनप्रतिनिधि. नगर पर्षद टैक्स लेते हुए भी इस समस्या से लोगों को उबारने के लिए कदम नहीं उठा रहा है.
बक्सर : शहर के नगर पर्षद के वार्ड-20, 21 व 33 के क्षेत्र में पड़नेवाले नेहरू नगर इलाके में जल निकासी नहीं होने के कारण पिछले छह माह से जलजमाव की पीड़ा यहां रहनेवाले लोग ङोल रहे हैं.
हालात ऐसी बन चुकी है कि बदबू के कारण लोगों का खाना पीना भी दुश्वार हो गया है. जल निकासी नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय सांसद अश्विनी कुमार चौबे, नगर विधायक डॉ सुखदा पांडेय समेत बक्सर के एसडीओ व नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अनिल कुमार से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली, जिसके कारण लोग परेशान होकर प्रधानमंत्री के पास त्रहिमाम संदेश भेजे हैं.
पानी की निकासी नहीं होने से इस क्षेत्र के उग्र लोगों ने पिछले 21 मई को नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी का पुतला दहन भी किये थे और अब उग्र आंदोलन करने की सोच रहे हैं.
लगभग पांच सौ घरों के लोग हैं परेशान : इस क्षेत्र में दलित व महादलित परिवार के करीब 400 परिवार के लोग रहते हैं. इसके अतिरिक्त सभी जाति वर्ग के 100 से 155 परिवार के लोग रहते हैं.
इस क्षेत्र में लोगों को पहले परेशानी नहीं होती थी. क्योंकि निजी भूमि में पानी बह जाता था. अब उस खाली पड़ी जमीन में स्कूल भवन का निर्माण हो रहा है, जिससे पानी की निकासी व जलजमाव के लिए व्यवस्था ही खत्म हो गयी है. नतीजा है कि जलजमाव विक राल रूप ले चुका है. सड़क के बाद जलजमाव व आसपास की गली में भी होने लगा है.आलम यह है कि पास की एक गली सबसे निचले क्षेत्र में पड़ती है, जहां पानी ठेहुने भर हो गया है.
उसी से गुजर कर लोग आ जा रहे हैं. सड़न बदबू इतनी है कि लोग खाना तक खाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं. नगर पर्षद व स्वास्थ्य विभाग सचेत नहीं हुआ, तो यहां कभी भी महामारी फैल सकती है. क्षेत्र में 150 मीटर तक पानी फैला है और लोग इससे ही गुजरते हैं. यहां की महिलाओं को खासा तब परेशानी होती है जब वे घर से निकल कर बाजार या कहीं और जाती हैं.

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