पछुआ ने किया परेशान, पारा 43 पर

उफ ! यह गरमी. अगले एक सप्ताह तक राहत की कोई उम्मीद नहीं ,15 जून के बाद ही बारिश की संभावना बक्सर : गरमी चरम पर है. दिन में गरम पछुआ हवा के थपेड़ों से लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं. सुबह दस बजे के पहले ही लोग आवश्यक काम कर घरों में लौट […]

उफ ! यह गरमी. अगले एक सप्ताह तक राहत की कोई उम्मीद नहीं ,15 जून के बाद ही बारिश की संभावना
बक्सर : गरमी चरम पर है. दिन में गरम पछुआ हवा के थपेड़ों से लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं. सुबह दस बजे के पहले ही लोग आवश्यक काम कर घरों में लौट आ रहे हैं. केवल विशेष काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं.
युवतियां घर से बाहर निकलने पर पूरे शरीर को सूती कपड़ों से ढक लेती हैं. जबकि पुरुष सिर पर टोपी या गमछा लेकर निकल रहे हैं. रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि न्यूनतम 31 डिग्री रहा.
पिछले एक सप्ताह में सभी दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है. केवल चार जून को तापमान कुछ कम रहा था. इस दिन 39 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 30 डिग्री न्यूनतम तापमान था. वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक तापमान में कोई कमी नजर नहीं आ रही है.
हालांकि 13 जून को आसमान में बादल रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है. 15 जून के बाद से ही तापमान में गिरावट दर्ज होगी और 20 जून के आसपास पूर्ण रूप से मॉनसून आयेगा.
स्कूलों में छुट्टी बढ़ने से छात्रों में खुशी : गरमी के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश के बाद पुन: स्कूलों की छुट्टी बढ़ा दी गयी है. पहले आठ जून तक ही स्कूलों की छुट्टी निर्धारित थी, लेकिन भीषण गरमी के कारण सरकार ने गरमी की छुट्टी को 14 जून तक बढ़ा दी है.
हालांकि इस दौरान विद्यालय में गैर शैक्षणिक कार्य चलता रहेगा.केवल शैक्षणिक कार्य ही बंद किया गया है. पुन: 15 जून से विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य शुरू कर दिये जायेंगे.विद्यालय बंद होने की खबर से बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है.
सब्जी, फसल और दुधारू पशुओं को नुकसानदेह : इस भीषण गरमी से सब्जी व दलहन फसलों के साथ पशुओं को भी नुकसान है. लौकी, भींडी समेत अन्य सब्जियों के लिए काफी नुकसान दायक है यह गरमी.भींडी में गरमी से लाल मकड़ी का प्रकोप बढ़ जाता है. दलहन में मूंग की फसल की स्थिति खराब है. मूंग का फूल गरमी से गिर जा रहा है, जिससे फसल को नुकसान है.
वहीं, दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन पर असर पड़ा है. गरमी के कारण ये पशु दूध की मात्र कम कर देते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ रामकेवल ने बताया कि किसान सब्जी की फसलों का पटवन करते रहें, ताकि इनके जड़ों में तरी रहे. पशुपालक अपने पशुओं को छांव और ठंड जैसे स्थान पर बांधे एवं इन्हें पीनेवाले पानी में गुड़ या नमक मिला कर पिलाये, ताकि पशु स्वास्थ्य रहें. वैज्ञानिक डॉ राम केवल कहते हैं कि मॉनसून के पूर्व ही दो से तीन बारिश हो जानी चाहिए.
कुछ जगहों पर बारिश हुई है. वहां के किसान अपने खेतों में लगे खर पतवार को जुताई कर निकाल दें. वहीं, जहां बारिश नहीं हुई है, वहां के किसान अपने खेतों की जुताई कर ले, जिससे उनके खेतों में मौजूद कीड़े मर जाये. ऐसा करने पर बारिश होने के बाद किसानों को फायदा पहुंचेगा.
लस्सी व बेल की शरबत की बढ़ी मांग : गरमी से परेशान लोग जहां दिन में सतू, ईख और बेल का शरबत पी रहें हैं.वहीं, शाम में शहर की कई दुकानों पर लस्सी और ठंडा जैसे पदार्थो का सेवन कर रहे हैं. नगर के मुनीम चौक, यमुना चौक, ठठेरी बाजार, गोलंबर, पीपी रोड समेत अन्य जगहों पर शरबत की दुकानों पर शाम होते ही भीड़ लग जा रही है. जिले में ठंडा पेय पदार्थो का कारोबार लाखों में पहुंचा हुआ है.
रेल यात्री हुए परेशान : जहां एक तरफ भीषण गरमी ने लोगों को परेशान कर रखा है, तो वहीं, दूसरी तरफ ट्रेनों की लेट लतीफी से रविवार को बक्सर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को काफी फजीहत हुई.
डाउन में आनंद बिहार-कलकत्ता एक्सप्रेस आठ घंटा लेट रही, उपासना एक्सप्रेस तीन घंटा, सिकंदराबाद पटना सुपर फास्ट ट्रेन एक घंटा विलंब रही. जबकि अप में सियादह-वाराणसी एक्सप्रेस 30 मिनट, मगध एक्सप्रेस चार घंटे एवं पटना-सिकंदराबाद निर्धारित समय से ढ़ाई घंटे विलंब से बक्सर स्टेशन पर पहुंची, जिसके कारण यात्रियों को धूप में घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा.

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