ब्रह्मपुर : प्रखंड के रघुनाथपुर गांव के अलिम मियां अपने पिता सरफुद्दीन मियां के अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए एक बेकसूर थाने के चौकीदार को नौ साल तक कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगवाते हुए अपराधी साबित करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. वहीं, सोमवार को मृतक सरफुद्दीन मियां अचानक अपने घर रघुनाथपुर पहुंच गया, जिससे गांव में हलचल मच गयी तथा इस केस में एक नया मोड़ आ गया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार आलिम मियां ने रघुनाथपुर के बसुधर यादव और विजय यादव पर अपने पिता का अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताते हुए ब्रह्मपुर थाने में नौ वर्ष पहले नौ अक्तूबर, 2006 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें पुलिस ने अपने अनुसंधान में इन दोनों को क्लीन चिट दे दिया था. फिर आलिम मियां ने कोर्ट में प्रोटेस्ट कर इनके खिलाफ मुकदमा जारी रखा.
विजय यादव ने बताया कि इस तरह से दुर्भावना से प्रेरित होकर हमलोगों को फंसाया गया, जिससे हमारा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक सभी तरह से नुकसान हुआ और हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा भी खराब हुई है. सरफुद्दीन मियां के घर पहुंचे की पुष्टि पुलिस भी कर चुकी है.
