बक्सर : बक्सर के चौसा रोड पर स्थित केके मंडल महिला कॉलेज बक्सर के लिए एक मॉडल आइकन है. राज्य सरकार के अनुदान से चलनेवाला यह कॉलेज पूर्ण रूप से शिक्षा के क्षेत्र में व्यवस्थित है.
कॉलेज का व्यवस्थापन कार्य पूर्व विधायक प्रो. हृदय नारायण सिंह तथा प्रधानाचार्य इंदिरा वर्मा की देखरेख में संचालित होता है. यहां उपस्थित प्रभारी प्राचार्य डॉ चंद्रेश्वर नारायण सिंह तथा डॉ सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कॉलेज की समुचित व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने के लिए हम हर संभव प्रयास करते हैं. छात्रों के बेहतर पढ़ाई के लिए कॉलेज में प्रयोगशाला के साथ-साथ एक पुस्तकालय की व्यवस्था की गयी है.
इतना ही नहीं छात्र देश-विदेश में होनेवाली घटना क्रमों से प्रतिदिन अवगत हों, इसके के लिए कॉलेज की ओर से अखबार भी मंगाये जाते हैं. वहीं, प्रयोगशाला में हर प्रकार के प्रयोग के लिए प्रायोगिक किट मौजूद हैं.
दो लाख रुपये की मंगायी गयीं हैं पुस्तकें : कॉलेज में बने पुस्तकालय के विषय में उन्होंने बताते हुए कहा कि परिसर का पुस्तकालय छोटा है, किंतु यहां छात्रों के लिए पर्याप्त मात्र में पुस्तकें उपलब्ध हैं तथा प्रतिदिन दो हिंदी और एक इंगलिश दैनिक अखबार आता है. साथ ही यह भी बताया कि पुस्तकालय को और ज्यादा विस्तारित करने के लिए करीब दो लाख की पुस्तकों का आर्डर दिया जा चुका है, जो कि इस वर्ष जुलाई से पुस्तकालय में आ जायेंगी. पुस्तकालय में छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त मात्र में बेंच और डेस्क उपलब्ध है.
यहां पर उपलब्ध भौतिकी, रसायन तथा मनोविज्ञान प्रयोगशाला में प्रत्येक विद्यार्थी की प्रायोगिक कक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित सामग्रियां उपलब्ध करायी जाती हैं तथा इस प्रकार की व्यवस्था गयी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी प्रयोगात्मक क्रिया से वंचित न हो सके.
वाणिज्य संकाय की पढ़ाई शुरू कराने के लिए जारी है प्रयास : डॉ सिन्हा ने यह भी जानकारी दी कि कॉलेज में अभी तक विज्ञान और कला संकाय का ही अध्ययन होता था, लेकिन इस वर्ष के नये सत्र से इसमें वाणिज्य संकाय की पढ़ाई भी कराने पर जोर दिया गया है.
इसके लिए पटना यूनिवर्सिटी से आदेश की प्रतीक्षा है. विद्यार्थियों को आधुनिक प्रकार की शिक्षा देने के लिए परिसर में एक विशाल कंप्यूटर लैब की स्थापना हुई है, जिसमें 50 विद्यार्थी बैठ कर पढ़ाई कर सकते हैं. श्री सिन्हा ने बताया कि इन सभी व्यवस्थाओं को बरकरार रखने में कॉलेज के विद्यार्थियों का भी विशेष योगदान रहता है.
