बक्सर : बक्सर व्यवहार न्यायालय के 100 वें वर्षगांठ पूरा होने के उपलक्ष्य में मनाये गये कार्यक्रम में शामिल होने के अवसर पर बक्सर आये पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एल. नरसिम्हा रेड्डी ने सबसे पहले धार्मिक महत्तावाले इस नगरी के धार्मिक स्थलों का दौरा किया.
सेंट्रल जेल के अहाते में अवस्थित बावन भगवान के दर्शन से मंदिर व धार्मिक स्थलों का दर्शन की शुरुआत हुई. इसके बाद बिहार का एक मात्र ओपेन जेल बक्सर का भी दौरा किया. इसके बाद चरित्रवन स्थित नौलखा मंदिर लक्ष्मी नारायण मंदिर, नाथ बाबा मंदिर तथा रामरेखा घाट स्थित रामेश्वर नाथ मंदिर में भी विधिवत पूजा-अर्चना की.
रामेश्वर मंदिर से निकलने के बाद मुख्य न्यायाधीश राम के पद चिह्न् को देखने व पूजन के लिए रामरेखा घाट स्थित बड़ी मठिया में गये. राम की चरण पादुका का दर्शन एवं पूजन के बाद मुख्य न्यायाधीश सीधे बाहर निकल गये.
बड़ी मठिया में महंत चंद्रमा दास ने मठिया की तरफ से मुख्य न्यायाधीश को प्रसाद प्रदान किया.मुख्य न्यायाधीश ने जिला प्रशासन के सौजन्य से गंगा नदी में सरकारी वोट से नौका विहार भी किया.
इस पूरे भ्रमण के दौरान मुख्य न्यायाधीश के साथ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह निरीक्षी न्यायाधीश बक्सर के अरुण कुमार मिश्र, बक्सर जिला जज हरेंद्र नाथ तिवारी, न्यायिक प्रशासनिक अधिकारी एवं सब जज आशुतोष कुमार के साथ अन्य लोग मौजूद थे.
