डीआइजी ने माना प्रथम दृष्टया हादसा
जांच के बाद ही कारणों का हो सकेगा खुलासा
बक्सर : डीआइजी एम रहमान ने कहा कि राजपुर के थानेदार सुशील कुमार यादव की घटना दुखद है और प्रथम दृष्टया यह हादसा ही लगता है. अब तक घटनास्थल पर कोई सोसाइडल नोट नहीं मिला है. घटना के समय थानेदार बेड पर सोये थे और उसी हालत में उन्होंने गोली मारी.
वैसे घटना की जांच के बाद कारणों का खुलासा हो पायेगा, फिलहाल भोजपुर के आरक्षी अधीक्षक नवीन कुमार झा को बक्सर जिले की कमान संभालने के लिए निर्देशित किया गया है और उन्होंने अपना काम भी शुरू कर दिया है. घटनास्थल पर अधिकारियों के साथ उन्होंने घंटों सभी मामलों की समीक्षा की और साथ रहनेवाले नौकर से भी मामले की जानकारी ली.
घटना के कुछ देर पहले ही राजपुर थाने के मुंशी ने कई आवश्यक फाइलों पर थाना प्रभारी से मंतव्य लेने और हस्ताक्षर लेने का काम किया था और फिर वापस थाने पर वे लौट आये थे, लेकिन तब तक थाना प्रभारी के मन पर कोई तनाव नहीं था. जानकारी यह भी है कि घटना से कुछ देर पहले राजपुर थाना प्रभारी ने अपने मोबाइल से करीब 15 मिनट तक लगातार बातचीत की थी और यह कॉल अंतिम कॉल थी.
जानकारी के अनुसार घटना के समय थानेदार का ब्लड शुगर करीब 486 था, जिसको लेकर चिकित्सकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मानसिक अघात भी हो सकता था. थानेदार नियमित मॉर्निग वाक करते थे, लेकिन शनिवार को वे मॉर्निग वाक पर भी नहीं गये, जिसे लोग उनके मानसिक तनाव से जोड़ कर देख रहे हैं.
