बारीकी से हो रही जांच. फसल क्षतिपूर्ति के आवेदन की जांच में सीओ-बीडीओ के छूट रहे पसीनें
बक्सर/ब्रह्मपुर/सिमरी/केसठ : फसल क्षतिपूर्ति भुगतान को लेकर आवेदनों की जांच का काम सोमवार को युद्ध स्तर पर किया गया. डुमरांव ट्रेजरी बंदी के बावजूद सोमवार को खुली रही. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार मंगलवार से क्षतिपूर्ति की राशि का वितरण शुरू कर दिया जायेगा.
बक्सर, चौसा और डुमरांव प्रखंड के ब्रह्मपुर इलाके में क्षतिपूर्ति की राशि बांटने का काम शुरू किया जायेगा और इन क्षेत्रों में आवेदनों की जांच का काम लगभग पूरा हो चला है.
देर शाम तक सभी आवेदनों की जांच और अंतिम सूची बनाने का काम पूरा किये जाने को लेकर अधिकारी माथा पच्ची करते रहे. जिलाधिकारी रमण कुमार स्वयं बक्सर और इटाढ़ी प्रखंडों में जाकर कामों की समीक्षा किये और अधिकारियों के कामों के प्रति संतोष जताया. बक्सर एसडीओ अवधेश आनंद, डुमरांव एसडीओ प्रमोद कुमार समेत सभी प्रखंडों के बीडीओ व सीओ देर शाम तक सूची को अंतिम रूप देने में लगे रहे. ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड में फसल क्षति पूर्ति के लिए जमा किये गये आवेदनों की जांच में अंचलाधिकारी एवं बीडीओ के पसीने छूट रहे हैं. पूरे प्रखंड की 18 पंचायतों के लिए 5735 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें सें अधिकांश आवेदन अपूर्ण हैं, जिसकी जांच में सारे रजस्व कर्मचारियों को लगाया गया है.
जिले से पहले आवंटित राशि का वितरण प्रखंड के चार पंचायत उत्तरी नैनीजोर, दक्षिणी महुआर, और हरनाथपुर में किया जाना है, जहां फसल की क्षतिपूर्ति 50 प्रतिशत के करीब हुई है, लेकिन जैसे ही सरकार ने पूरे पंचायतों में नष्ट फसल क्षतिपूर्ति की घोषणा की, आवेदकों की होड़ लग गयी.
इसमें ऐसे आवेदकों की संख्या ढेरों है, जिनकी कोई फसल नष्ट नहीं हुई है़ ऐसे आवेदकों की पहचान कर पाना पदाधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर है. सीओ सुशील उपाध्याय ने बताया कि प्राप्त आवेदन में ढेरों विसंगतियां हैं, जिनकी जांच की जा रही है. हमारा प्रयास हैं कि फसल क्षति की राशि वाजिब हकदार को मिले. सिमरी प्रतिनिधि के अनुसार किसानों को सहायता पहुंचाने को लेकर अंचल कार्यालय सोमवार को छुट्टी के दिन भी खुला रहा, इन दिनों आपदा के कारण हुई क्षति का सर्वेक्षण कर अंचल कार्यालय में इसकी सूची तैयार की जा रही है.
इस दौरान सभी अंचल कर्मी मौजूद थे. केसठ प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के प्रभारी अधिकारी रमन कुमार सिन्हा ने फसल क्षति को लेकर प्रखंड परिसर के सभागार में सोमवार को प्रखंड अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें अंचल कार्यालय के अंचलाधिकारी, सीआइ, कृषि कार्यालय से बीएओ एवं कृषि सलाहकार समेत प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भाग लिया. श्री सिन्हा ने फसल क्षति में हुई किसानों को सूची की समीक्षा की.
33 फीसदी या उससे अधिक फसल बरबाद होने पर ही मिलेगा मुआवजा : डुमरांव. प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों की मदद के लिए सरकार ने डुमरांव प्रखंड में 85 लाख रुपये का आवंटन किया है.
इस राशि का वितरण मंगलवार को प्रखंड के किसान भवन में किसानों के बीच किया जायेगा. सोमवार को किसानों की फसल बरबाद के आवेदन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी रमन कुमार ने कहा कि प्रखंड की सभी पंचायतों के किसानों की आंधी, तूफान व ओला वृष्टी से खेतों में लगी आधी फसल या उससे अधिक फसल बरबाद होने पर ही राशि मुहैया करायी जायेगी. समीक्षा के दौरान एसडीओ प्रमोद कुमार,बीडीओ जनार्दन तिवारी, कृषि पदाधिकारी शैकत अली, सीओ अमरेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
वहीं, दूसरी ओर चौंगाई प्रखंड कार्यालय में एसडीओ प्रमोद कुमार ने किसानों के आवेदन प्रखंड कृषि पदाधिकारी के समक्ष जांच की और कहा कि 33 फीसदी से अधिक क्षतिवाले सभी किसानों को क्षतिपूर्ति की राशि दी जायेगी. इस अवसर पर सीओ अली अहमद, बीडीओ सूर्य कुमार साह, कृषि पदाधिकारी मौजूद थ़े
