कड़ी सुरक्षा में हुआ जिप अध्यक्ष का चुनाव

बक्सर : काफी गहमागहमी के बीच गुरुवार को जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में वोटिंग के आधार पर जिला पर्षद अध्यक्ष का चुनाव हुआ, जिसमें सिमरी पश्चिम के जिला पार्षद अक्षयवर यादव को जिला पर्षद का अध्यक्ष चुना गया. जिलाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल कीअध्यक्षता में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. जिलाधिकारी ने विजयी जिप अध्यक्ष को […]

बक्सर : काफी गहमागहमी के बीच गुरुवार को जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में वोटिंग के आधार पर जिला पर्षद अध्यक्ष का चुनाव हुआ, जिसमें सिमरी पश्चिम के जिला पार्षद अक्षयवर यादव को जिला पर्षद का अध्यक्ष चुना गया. जिलाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल कीअध्यक्षता में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया.

जिलाधिकारी ने विजयी जिप अध्यक्ष को प्रमाण पत्र देने के साथ शपथ दिलायी. अक्षयरवर यादव को जिप अध्यक्ष चुने जाने की खबर बाहर आते ही माहौल उत्सव का हो गया. जिप अध्यक्ष के समर्थक ढोल की थाप पर थिरकने लगे. चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था की थी.

चुनाव में पहुंचे 19 जिप सदस्य

जिला पर्षद के अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समाहरणालय में गुरुवार को कुल 19 सदस्य ही पहुंचे. जिला पर्षद के कुल 20 सदस्यों में कविता मिश्र अनुपस्थित थीं. जिप अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अक्षयरवर यादव और नावानगर दक्षिणी पूर्वी की जिप सदस्य शोभा देवी अपनी उम्मीदवारी दर्ज की.

19 सदस्यों में 14 सदस्यों ने अक्षयवर यादव के पक्ष में, जबकि चार सदस्यों ने शोभा देवी के पक्ष में मतदान किया. वहीं जिप सदस्य डॉ मनोज कुमार यादव ने मतदान का बहिष्कार किया.

अविश्वास पर दिया था इस्तीफा

जिला पर्षद के पूर्व अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर 16 जुलाई को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पूर्व जिप अध्यक्ष ने इस्तीफे के दौरान विपक्ष द्वारा लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था.

इस्तीफे के बाद 18 जुलाई को जिला समाहरणालय के सभा कक्ष में अविश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन कराया गया था. मत विभाजन में बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया था.

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद आठ अगस्त को जिप अध्यक्ष के चुनाव की तिथि मुकर्रर की गयी थी.

सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था

जिला पर्षद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समाहरणालय के समीप सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था की गयी थी. समाहरणालय को जोड़ने वाली सड़क पर आंबेडकर चौक के समीप से लेकर समाहरणालय तक दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. समाहरणालय के मुख्य गेट पर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के रूप में विजय कुमार सिंह को सशस्त्र बल के साथ तैनात किया गया था.

चुनाव की अवधि में समाहरणालय के भीतर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी थी. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहने के कारण अफरातफरी नहीं मची.

जीत पर झूम उठे समर्थक

जिला पर्षद के अध्यक्ष के रूप में अक्षयवर यादव के चुने जाने की खबर मोबाइल पर मिलते ही समाहरणालय के बाहर खड़े कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे. ढोल की थाप पर कार्यकर्ता थिरकने लगे और फागुन की तरह गुलाल उड़ने लगे. जिप अध्यक्ष के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने फूल माला पहना कर स्वागत किया. जुलूस के शक्ल में कार्यकर्ताओं का जत्था मंदिरों की ओर रवाना हो गया.

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