चौसा (बक्सर) : सरेंजा स्थित बुनियादी विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था ठीक नहीं के कारण विद्यालय से छात्र व अभिभावकों का मोह भंग होने लगा है. अप्रैल माह से पहले सरेंजा बुनियादी विद्यालय में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन था, लेकिन वर्तमान में छात्रों की संख्या घट कर 675 रह गयी है. ग्रामीणों की मानें, तो विद्यालय में एक मात्र प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे 675 छात्रों की शिक्षा व्यवस्था विभाग द्वारा थोप दी गयी है.
बुनियादी विद्यालयों पर सरकार का ध्यान नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे इसका वजूद समाप्त होता जा रहा है. सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने व उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं तैयार की जा रही है, लेकिन कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करने वाले विद्यालयों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक नगण्य हैं.
प्रभारी प्रधानाध्यापक अक्षयवर नाथ पांडेय ने बताया कि विद्यालय में सैकड़ों छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने में ही सारा दिन गुजर जाता है. ऐसे बच्चों की किस प्रकार पढ़ाई पूरी करायी जाए. विद्यालय में शिक्षकों की कमी वर्षो से है. इसकी जानकारी कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी की मीटिंग में भी दी गयी, लेकिन आज तक यहां शिक्षकों की व्यवस्था नहीं करायी जा सकी है.
स्थानीय अनिल सिंह, मनोज जायसवाल आदि लोगों ने शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन से सरेंजा बुनियादी विद्यालय में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की अविलंब व्यवस्था कराने की मांग की है.
* अप्रैल से पहले एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन था
* वर्तमान में छात्रों की संख्या घट कर 675 रह गयी है
* एक मात्र प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे सैकड़ों विद्यार्थी
