किसानों को सता रहा सूखे का डर

खेतों की हालत देख मायूस हुए किसान, अब तक नहीं मिला लाभ बक्सर : कम बारिश के कारण भले ही अब तक जिले को सूखा क्षेत्र घोषित नहीं किया गया हो. लेकिन जिले की किसानों की हालत बहुत खराब है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त माह में मात्र 14 […]

खेतों की हालत देख मायूस हुए किसान, अब तक नहीं मिला लाभ

बक्सर : कम बारिश के कारण भले ही अब तक जिले को सूखा क्षेत्र घोषित नहीं किया गया हो. लेकिन जिले की किसानों की हालत बहुत खराब है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त माह में मात्र 14 प्रतिशत ही बारिश हो पायी है.

इस तरह 86 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति होने का डर सता रहा है. जिले के कई प्रखंडों में बारिश इतनी कम मात्र में हुई है कि वहां के किसान अब रोपनी की आखिरी आस भी छोड़ चुके हैं.

हालांकि कुछ किसानों ने पंप सेट से अपने खेतों की सिंचाई की है. जिससे वह अपनी फसलों को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं. लेकिन उनकी फसलों की लागत मूल्य बढ़ गयी है.

अगस्त माह में राजपुर में हुई कम बारिश

जिला कृषि कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त माह के 11 दिनों में सबसे कम बारिश राजपुर प्रखंड के गांवों में हुई है. जिससे वहां के किसान आर्थिक मार झेंल रहे हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो राजपुर प्रखंड में 11.4 मिलीमीटर ही बारिश हो पायी है. अगस्त माह में अब तक 11 प्रखंडों में औसतन 40.68 मिलीमीटर ही बारिश हो पायी है. इस तरह अगस्त माह तक जिला 86.70 प्रतिशत कम बारिश होने की मार झेंल रहा है.

55 प्रतिशत भू-भागों में नहीं हुई रोपनी

कम बारिश के कारण इस वर्ष अब तक 30.12 प्रतिशत भू-भागों में ही धान की रोपनी हो पायी है. बता दें कि पिछले साल धान की रोपनी 85 क्षेत्रों में हुई थी. इस तरह यह आंकड़ा दरसाता हैं कि 55 प्रतिशत भू-भाग पर अब तक रोपनी का कार्य नहीं किया गया है.

क्या कहते हैं किसान

किसान रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि जिले में जल प्रबंधन को लेकर कोई मॉडल नहीं है. बारिश के पानी का संचय करने के लिए जिला प्रशासन काफी पीछे है. पर्याप्त संसाधन न होने से हर वर्ष किसानों को सूखे की मार झेंलनी पड़ रही है. किसानों का कहना है कि विभिन्न प्रखंडों में इतनी कम बारिश हुई है कि खेती करना काफी मुश्किल हो गया है. कुछ किसानों ने जिन्होंने दूसरे से कर्ज लेकर खेती की है. उनकी हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी श्रीभगवान राय ने बताया कि इस वर्ष कम बारिश होने के कारण कृषि क्षेत्र में काफी नुकसान होने की संभावना है. श्री राय ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में सूखे का असर व्याप्त है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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