अब गंगा में नहीं फेंके जायेंगे अज्ञात शव, सामाजिक संस्थाओं का लिया जायेगा सहयोग
बक्सर : मानवता को दरकिनार कर अज्ञात शवों को गंगा नदी में फेंकने की वर्षों पुरानी परंपरा पर बक्सर पुलिस रोक लगायेगी. पुलिस इसके लिए सामाजिक संस्थाओं से संपर्क साधकर अज्ञात शवों का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करेगी. पुलिस सामाजिक संस्थाओं की सूची तैयार कर रही है, जिनके माध्यम से इस सकारात्मक अभियान को सुचारु रूप से जिले में शुरू किया जायेगा.
पुलिस समाज के प्रतिष्ठित लोगों के जरिये शवों की धर्म के आधार पर पहचान करायेगी और उसी धर्म की रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कराया जायेगा. इस कार्य की शुरुआत को लेकर बक्सर पुलिस जिले की चुनिंदा सामाजिक संस्थाओं के साथ एक बैठक करने वाली है. बैठक में सम्मिलित होने वाली संस्थाओं के प्रमुखों से उक्त बातों पर चर्चा की जायेगी.
बक्सर के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि अज्ञात शवों के अंत्यपरीक्षण के बाद बॉडी को वीर कुंवर सिंह पुल के नीचे गंगा नदी में फेंके जाने की जानकारी मीडिया के माध्यम से पुलिस मुख्यालय को प्राप्त हुई है. इस मामले पर एडीजी रेल ने संज्ञान लेते हुए इसके निदान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं. एसपी ने कहा कि अज्ञात शवों को गंगा नदी में फेंकना मानवता को शर्मसार करता है. ऐसी घटना नहीं हो, इसका भविष्य में ध्यान रखा जायेगा.
प्रत्येक वर्ष 100 से 150 अज्ञात शवों की होती है बरामदगी
कई संस्थाओं की सूची बनी
एसपी राकेश कुमार ने बताया कि इस कार्य के लिए कई संस्थाओं की सूची तैयार की गयी है. जल्द ही शहर के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक की जायेगी. जिले की पुलिस इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलायेगी. अभियान में आम लोगों से यह अपील की जायेगा कि वे भी इस सकारात्मक कार्य में अपना हाथ बटाएं.
