BPSC रिजल्ट: अमेरिकी कंपनी में 18 लाख की नौकरी छोड़ बना DySP, बेतिया के अभिनव की सक्सेस स्टोरी

BPSC 70th Success Story: बेतिया के अभिनव कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 292वीं रैंक हासिल कर डीएसपी पद प्राप्त किया है. 18 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर उन्होंने सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता पाई. उनका अंतिम लक्ष्य अब भी यूपीएससी है. पढे़ं अभिनव कुमार की सक्सेस स्टोरी…

BPSC 70th Success Story: पश्चिम चंपारण के बेतिया निवासी अभिनव कुमार ने 70वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर बिहार पुलिस में डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) का पद प्राप्त किया है. 292वीं मेधा रैंक हासिल करने वाले अभिनव की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान के बजाय सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. हालांकि, अभिनव इसे अपनी अंतिम मंजिल नहीं बल्कि यूपीएससी के सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं.

बेतिया के बेटे ने बढ़ाया जिले का मान

बेतिया नगर के पिउनी बाग निवासी अभिनव कुमार सेवानिवृत्त डाकपाल अनिल कुमार राव और गृहिणी उषा राव के इकलौते पुत्र हैं. चार संतानों वाले परिवार में अभिनव की इस उपलब्धि से घर में खुशी का माहौल है.

उनकी सफलता पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिनव ने पश्चिम चंपारण का नाम पूरे बिहार में रोशन किया है.

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इंजीनियरिंग के बाद मिली थी 18 लाख पैकेज की नौकरी

अभिनव ने बेतिया के संत जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल से मैट्रिक और बोकारो के अयप्पा पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद बेंगलुरु से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की.

इंजीनियरिंग के बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें एक अमेरिकी कंपनी में नौकरी मिली. वर्ष 2020 से 2022 तक उन्होंने लगभग 18 लाख रुपये सालाना पैकेज पर काम किया.

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UPSC के लिए छोड़ दी हाई पैकेज वाली नौकरी

कोरोना काल के दौरान वर्क फ्रॉम होम कर रहे अभिनव पर जब कंपनी ने ऑफिस ज्वाइन करने का दबाव बनाया तो उन्होंने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

पिछले चार वर्षों से वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन के लिए मेहनत कर रहे हैं. इस दौरान दो बार यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन अंतिम चरण में सफलता से चूक गए.

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सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

अभिनव ने बताया कि उन्होंने अधिकांश तैयारी सेल्फ स्टडी के जरिए की. यूपीएससी में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और माता-पिता के सुझाव पर बीपीएससी परीक्षा में शामिल हुए.

उनकी मेहनत रंग लाई और 70वीं बीपीएससी परीक्षा में डीएसपी पद के लिए चयन हो गया.

DSP नहीं, UPSC है अंतिम लक्ष्य

अभिनव का कहना है कि डीएसपी बनना उनके लिए गर्व की बात है, लेकिन यह उनकी अंतिम मंजिल नहीं है. उनका लक्ष्य अब भी यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है.

उन्होंने कहा कि वह डीएसपी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखेंगे.

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बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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