राजगीर. 17 मई से शुरू होने वाले राजकीय मलमास मेला को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है. मेला को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने राजगीर के आरआइसीसी में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया. यह मेला 17 मई से आरंभ होकर 15 जून तक चलेगा. इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. बैठक में मेला के दौरान संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला अवधि में किसी भी श्रद्धालु या आमजन को असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें. डीएम ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला एवं पुरुष पुलिस बल, आपदा मित्रों तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की जायेगी. संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जायेगी. मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से लगातार निगरानी की जायेगी. भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे सड़क, थिएटर और सर्कस पर विशेष नजर रखी जाएगी। साथ ही पॉकेटमारों और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं तथा प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल और ट्रैफिक चेक पोस्ट चिन्हित किये गये हैं. स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि मेला क्षेत्र में एंबुलेंस, स्ट्रेचर, आवश्यक दवाएं, मेडिकल कैंप और चिकित्सकों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना केंद्र स्थापित किया जायेगा, जहां बिछुड़े हुए लोगों को मिलाने की व्यवस्था होगी. खान-पान की सुविधा के लिए कैंटीन, दीदी की रसोई और सस्ती रोटी की दुकानें लगाई जायगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड इंस्पेक्टर नियमित जांच करेंगे. डीएम ने बताया कि इस बार मेला में तकनीक का भी उपयोग किया जायेगा. श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एआइ आधारित काउंटर, मोबाइल एप और वेबसाइट की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा मंदिर, ब्रह्मकुंड क्षेत्र, स्टेट गेस्ट हाउस परिसर, पुरानी सैनिक स्कूल, गढ़ महादेव मंदिर, वैतरणी घाट और पीएचईडी परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर वाटरप्रूफ यात्री शेड बनाये जायेंगे. ब्रह्मकुंड में प्राकृतिक जलधारा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए विशेष चौकसी बरती जा रही है. वहीं वैतरणी नदी घाट की साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया है. शाही स्नान के दौरान होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास द्वार पर विशेष व्यवस्था की जायेगी. बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. प्रशासन का दावा है कि इस बार मलमास मेला को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है.
मलमास मेले को लेकर जिला प्रशासन की बड़ी तैयारी, सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक होगी कड़ी निगरानी
17 मई से शुरू होने वाले राजकीय मलमास मेला को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है.
