लोकाइन नदी की जलस्तर में आयी काफी कमी

जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने शुक्रवार को एकंगरसराय प्रखंड के केशोवपुर पंचायत स्थित बढ़ारी तटबंध और मंडाछ पंचायत के बेलदारी विगहा में संपर्क पथ मरम्मत कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया.

बिहारशरीफ / एकंगरसराय. जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने शुक्रवार को एकंगरसराय प्रखंड के केशोवपुर पंचायत स्थित बढ़ारी तटबंध और मंडाछ पंचायत के बेलदारी विगहा में संपर्क पथ मरम्मत कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ से बचाव और राहत व्यवस्था की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने कहा कि लोकाईन नदी का जलस्तर वर्तमान में काफी कम है जिससे बाढ़ का खतरा कम है, लेकिन भविष्य की आपदा से बचाव के लिए तटबंधों की मरम्मत कार्य में किसी भी हाल में तेजी लाई जाए. उन्होंने बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष रूप से निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में ईसी बैग, बालू भरे बोरे, बांस बल्ला, श्रमिक, लाइटिंग, वाहन और ट्रैक्टर जैसी सभी आवश्यक संसाधन पहले से ही तैयार रखें ताकि तटबंध टूटने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके. बेलदारी विगहा संपर्क पथ की मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर की जा रही है, जिससे स्थानीय आवागमन बहाल हुआ है.यह सड़क मंडाछ, गोनाई विगहा, फरगुसराय, शिवशंकरपुर, लालाविगहा, पुलपर, गजोपर, जगदारी, मठपर, पोरावां, बासविगहा, रसलपुर सहित मसौढ़ी, जहानाबाद व पटना जिलों को जोड़ती है. जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुँचकर इस कार्य का निरीक्षण किया. बेलदारी बिगहा में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात है, जिसमें 30 जवान (महिला/पुरुष) और 4 नावें मौजूद हैं ताकि आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू किया जा सके। जिला आपदा प्रबंधन द्वारा 4 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. बाढ़ प्रभावित 12 गांवों में अब तक 362 लोगों के बीच सूखा राशन, पॉलीथिन शीट्स तथा 101.20 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है. इसके अलावा, बेलदारी विगहा में पशुओं के लिए मुफ्त दवाइयों की व्यवस्था की गई है. बाढ़ चिकित्सा शिविर में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों को निशुल्क इलाज और जरूरी दवाइयां दी जा रही हैं. जिलाधिकारी के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने हेतु विद्युत विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो. निरीक्षण के समय उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा), अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे. जिलाधिकारी ने दोहराया कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सतर्कता, तत्परता और टीम वर्क बेहद जरूरी है. प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.

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Published by: Santosh kumar singh

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