नेचर और जू सफारी पर्यटकों के लिए खुला रहेगा

अचानक आयी तेज आंधी-तूफान और वर्षा से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है़ हवा की गति लगभग 60 किमी प्रति घंटा थी. भारी वर्षा से पेड़ पौधों को नवजीवन मिला है. वहीं इस कारण पेड़ गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है.

राजगीऱ अचानक आयी तेज आंधी-तूफान और वर्षा से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ है़ हवा की गति लगभग 60 किमी प्रति घंटा थी. भारी वर्षा से पेड़ पौधों को नवजीवन मिला है. वहीं इस कारण पेड़ गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है. राजगीर के घोड़ा कटोरा झील के पास सैलानियों के लिए बना झोपड़ी ध्वस्त हो गयी है. रोपवे के पास का पानी टंकी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया है. जू सफारी और नेचर सफारी में भी पेड़ गिरने की सूचना है. डीएफओ राजकुमार एम ने बताया कि वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई के लिए तीन टीमों को अलग अलग क्षेत्रों में तुरंत सक्रिय किया गया है. उनके द्वारा जेसीबी की सहायता से सभी मुख्य सड़कों को एक घंटे के भीतर साफ कर यातायात को सुचारू किया गया है. समय पर की गई इस कार्रवाई से जनसाधारण को राहत मिली है. उन्होंने बताया कि नालंदा वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले 11 पार्कों में भारी क्षति की सूचना है, विभाग द्वारा सभी क्षति का आकलन किया जा रहा है. सुभाष पार्क में दस पेड़ों के गिरने से सर्वाधिक नुकसान की पुष्टि डीएफओ द्वारा किया गया है. उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है. सुरक्षा की दृष्टि से कुछ पार्कों को शुक्रवार को बंद रखा जायेगा. उन्होंने बताया कि इस चक्रवाती तुफान से राजगीर के नेचर सफारी एवं जू सफारी को विशेष क्षति नहीं हुई है़ दोनों सफारी शुक्रवार को भी आम जनता के लिए सामान्य रूप से खुला रहेगा.

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Published by: Santosh kumar singh

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