टीबी) मरीजों के उपचार को प्रभावी बनाने और उन्हें पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निक्षय पोषण योजना के तहत शनिवार को राजगीर के वीरायतन में 10 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार का वितरण किया गया. कार्यक्रम में वीरायतन की वरिष्ठ साध्वी साधना जी महाराज एवं साध्वी रोहिणी जी महाराज ने लाभार्थियों को फूड थैला प्रदान कर नियमित दवा के साथ संतुलित एवं पौष्टिक भोजन लेने का संदेश दिया.
इस थैले में मूंग दाल, अरहर दाल, मसूर दाल, चना दाल, मूंगफली दाना और सरसों तेल दिया गया है. वीरायतन की ओर से लगातार छह महीने तक इन मरीजों के बीच पोषाहार का वितरण किया जायेगा.
साध्वी साधना जी का संदेश
साध्वी साधना जी महाराज ने कहा कि टीबी का सफल इलाज केवल दवाइयों से संभव नहीं है, बल्कि पौष्टिक आहार, नियमित देखभाल और समय पर सटीक उपचार भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि सरकार की निक्षय पोषण योजना मरीजों को पोषण सहायता देकर उनके स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया को मजबूत बना रही है. वीरायतन वर्षों से जरूरतमंद मरीजों की सेवा करता आ रहा है और आगे भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है, इसलिए टीबी मरीजों को समाज के सहयोग, अपनत्व और प्रोत्साहन की सबसे अधिक आवश्यकता होती है.
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में लगातार खांसी, वजन घटना या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अनुमंडलीय अस्पताल में जांच कराएं और समय पर उपचार शुरू करें. इसके साथ ही उन्होंने समाज से टीबी मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने का भी पुरजोर आग्रह किया.
स्वास्थ्य विभाग की मुहिम
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गौरव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव और घर-घर जाकर टीबी मरीजों की सघन स्क्रीनिंग कर रही है. चिह्नित मरीजों को निःशुल्क दवा के साथ-साथ आवश्यक पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि मरीजों को बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है; नियमित दवा, पौष्टिक भोजन और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है.
स्वास्थ्य प्रबंधक राजेश कुमार, एसटीएलएस (STLS) अभिषेक कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने मरीजों को उपचार बीच में नहीं छोड़ने, संतुलित आहार लेने और नियमित जांच कराने की सलाह दी. अधिकारियों ने बताया कि निक्षय पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देना, मरीजों की रिकवरी दर बढ़ाना तथा उपचार के दौरान उन्हें बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है.
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