Nalanda News : राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार को आयोजित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) शिविर से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों से प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. रवि रंजन ने स्पष्टीकरण मांगा है.
प्रभात खबर के शनिवार के अंक में ‘यूडीआईडी शिविर में नहीं आये कई डॉक्टर, जांच पर संकट’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह कार्रवाई की है.
इन्हें सौंपी गई थी जिम्मेदारी
प्रभारी उपाधीक्षक ने बताया कि शिविर में दिव्यांग बच्चों की जांच कर यूडीआईडी एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने के लिए डॉ. गौरव, शिशु विशेषज्ञ डॉ. स्वेश चंद्र, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमजीत कुमार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. सपना गुप्ता तथा फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नासीर सुलेमान की ड्यूटी लगायी गयी थी.
एक को छोड़ सभी अनुपस्थित
नामित चिकित्सकों में से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार को छोड़कर अन्य सभी चिकित्सक शिविर में उपस्थित नहीं हुए.
चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण शिविर में पहुंचे दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई बच्चों की आवश्यक चिकित्सकीय जांच नहीं हो सकी, जिससे प्रक्रिया प्रभावित हुई.
जिला जाने से राहत का उद्देश्य
शिविर में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों की प्रखंड स्तर पर जांच कर यूडीआईडी एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने की व्यवस्था की गयी थी. इसका उद्देश्य बच्चों और उनके अभिभावकों को जिला स्तर पर बार-बार आने-जाने की परेशानी से बचाना था.
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जवाब के आधार पर होगी कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई के बाद अब अनुपस्थित चिकित्सकों द्वारा दिए जाने वाले जवाब के आधार पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई की बात कही जा रही है.
