राजगीर. राजगीर में आयोजित रामकथा के मंच से मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने राजगीर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि राजगीर का प्राचीन नाम राजगृह था. इसका अर्थ है राजाओं का घर. यह प्राचीन मगध की राजधानी रही है. भगवान बुद्ध तथा महावीर दोनों का इस पावन भूमि से गहरा संबंध रहा है. उन्होंने कहा कि राजगीर न केवल बौद्ध धर्म, बल्कि जैन और हिन्दू सभी धर्मों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है. मुख्य सचिव ने कहा कि राजगीर की वैभवशाली विरासत में वेणुवन, विश्व शांति स्तूप, सप्तधारा कुंड, घोड़ा कटोरा झील, बिम्बिसार कारागार, जरासंध का अखाड़ा जैसे स्थल शामिल हैं. यह इसकी ऐतिहासिक और प्राकृतिक गरिमा को दर्शाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में राज्य सरकार राजगीर के विकास को प्राथमिकता दे रही है. राजगीर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. रोपवे, नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज और एडवेंचर पार्क जैसे आधुनिक निर्माणों ने इसकी सुंदरता और पर्यटक आकर्षण को और बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजगीर न केवल एक धार्मिक स्थल, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा. इस अवसर पर उन्होंने राजगीर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की.
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