Nalanda News : इस्लामपुर-नटैशर रेलखंड पर इस्लामपुर प्रखंड के महमूदा अंडरपास के नीचे वर्षा के पानी के जलजमाव से दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. खासकर बूढ़े, बच्चे, महिलाओं, दिव्यांगों और रोगियों को आने-जाने में बहुत ही दिक्कत होती है.
अधिकारियों की उदासीनता और प्रशासनिक उपेक्षा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दस वर्ष पूर्व निर्मित इस अंडरपास में वर्षा के पानी के जलजमाव से स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी अपने वाहन पार कराने में मुसीबत झेलनी पड़ती है, लेकिन एक दिन समस्या झेल लेने के बाद जैसे ही वे मुख्य सड़क पर आते हैं, समस्या भूल जाते हैं. हालांकि समय-समय पर बुद्धिजीवियों एवं ग्रामीणों द्वारा इस जलजमाव से निदान के लिए स्थानीय पदाधिकारियों से गुहार लगाई गई, किन्तु किसी ने सुध लेना उचित नहीं समझा.
दर्जनों गांवों का आवागमन हुआ प्रभावित
इस अंडरपास से प्रतिदिन पचमहला, खरज्जमा, आजोचक, चूल्हाई बिगहा, मधुकर चक, जनकपुर महमूदा, गोपाल चक, अहमदाबाद एवं वनबाग सहित अन्य कई गांवों के हजारों ग्रामीण प्रभावित हैं. बरसात में जलजमाव के कारण दो-तीन फीट तक पानी रहने से वाहन पार करना काफी मुश्किल और जोखिम भरा होता है. जबकि कुछ लोग रेलवे द्वारा बंद मार्ग पर काफी मशक्कत से जान जोखिम में डालकर गाड़ी ले जाते हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है. अंडरपास में जलजमाव की यह स्थिति कभी भी किसी अप्रिय घटना को निमंत्रण देने जैसी बनी हुई है.
जनप्रतिनिधियों से समाधान की गुहार
इस संबंध में महमूदा गांव के समाजसेवी जितेंद्र कुमार पांडेय, चूल्हाई बिगहा गांव के समाजसेवी अखिलेश यादव एवं महमूदा पंचायत की मुखिया रीमा देवी सहित अन्य कई लोगों ने सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक रूहेल रंजन तथा पूर्व विधायक राकेश कुमार रौशन से इस समस्या के समाधान का अनुरोध किया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ. अंडरपास से वाहन से गुजरती महिलाओं सहित अन्य लोगों का मानना है कि क्या किसी अप्रिय हादसे के होने के बाद ही इस अंडरपास में वर्षा के पानी के जलजमाव की समस्या का समाधान किया जाएगा.
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