नालंदा की 231 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप होने का दावा, जनप्रतिनिधियों ने एक साल से फंड नहीं मिलने का लगाया आरोप

नालंदा जिले की 231 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए फंड की भारी कमी है. जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले एक साल से अनुदान राशि नहीं मिली है, जिससे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. पंचायत चुनाव नजदीक आने के साथ यह मुद्दा गरमाता जा रहा है.

Nalanda panchayat news: पंचायत चुनाव की संभावित घोषणा से पहले नालंदा जिले में विकास फंड का मुद्दा गरमा गया है. जिले की 231 ग्राम पंचायतों के मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों को विकास मद की राशि नहीं मिलने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पिछले करीब एक वर्ष से पंचायतों को विभिन्न योजनाओं की अनुदान राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

विभिन्न योजनाओं की राशि लंबित होने का दावा

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायतों को 16वें वित्त आयोग अनुदान, राज्य वित्त आयोग अनुदान, टाइड ग्रांट, अनटाइड ग्रांट समेत अन्य योजनाओं की राशि समय पर नहीं मिली है. उनका दावा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अधिकांश पंचायतों के खातों में किसी भी मद की राशि नहीं पहुंची है. इसके कारण कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं.

सड़क, नाली और पेयजल योजनाएं प्रभावित

फंड नहीं मिलने के कारण पंचायत स्तर पर सड़क मरम्मत, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और अन्य छोटे विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.

जनता को जवाब देना हो रहा मुश्किल

बेन प्रखंड की एकसारा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नीरज कुमार ने बताया कि वर्ष 2026-27 में उनकी पंचायत को अब तक किसी भी मद में राशि का आवंटन नहीं हुआ है. ऐसे में ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान भी पंचायत स्तर पर नहीं हो पा रहा है. लोग विकास कार्यों की मांग लेकर आते हैं, लेकिन फंड नहीं होने से काम शुरू नहीं किया जा सकता.

पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी चिंता

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं. ऐसे में उन्हें अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना होगा. लेकिन विकास कार्यों के लिए राशि नहीं मिलने से उनकी उपलब्धियां सीमित रह गई हैं. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने क्षेत्रों में जरूरी विकास कार्य भी नहीं करा सके.

सरकार से जल्द फंड जारी करने की मांग

जनप्रतिनिधियों ने सरकार से लंबित अनुदान राशि जल्द जारी करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय पर राशि मिलने से अधूरी योजनाएं पूरी होंगी, ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी. उनका यह भी कहना है कि यदि जल्द राशि जारी नहीं हुई तो इसका असर ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था दोनों पर पड़ेगा.

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By Kanchan kumar

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