Biharsharif News : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को पहली बार राजगीर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया. विश्वविद्यालय परिसर में आगमन पर कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कुलपति और विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया. इसके बाद उन्होंने परिसर का भ्रमण कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न पहलों की जानकारी ली.
नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यों और उपलब्धियों की सराहना
दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यों और उपलब्धियों की सराहना की. उन्होंने विशेष रूप से नेट-जीरो कैंपस, सतत विकास, सहभागिता आधारित पहलों, अकादमिक उत्कृष्टता और विश्वविद्यालय के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक उच्च शिक्षा से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है.
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वैशाली और नालंदा की प्राचीन विरासत का किया उल्लेख
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक और ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वैशाली को दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक गणराज्यों में गिना जाता है, जबकि प्राचीन नालंदा विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में शामिल रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और ज्ञान की यह विरासत भारत की समृद्ध सभ्यतागत परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में इस विरासत को आधुनिक उच्च शिक्षा से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं.
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लोकतंत्र और निर्वाचन अध्ययन से जुड़ा पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव
ज्ञानेश कुमार ने सुझाव दिया कि नालंदा विश्वविद्यालय में लोकतंत्र एवं निर्वाचन अध्ययन से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू किया जाना चाहिए. इसके लिए उन्होंने इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट और नालंदा विश्वविद्यालय के बीच अकादमिक सहयोग विकसित करने का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव के तहत निर्वाचन और लोकतंत्र पर केंद्रित विशेष पाठ्यक्रमों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है.
शोध और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावना
इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट की ओर से आवश्यक अकादमिक और लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई. इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं, निर्वाचन प्रक्रिया और निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में शोध, अध्ययन और ज्ञान के आदान-प्रदान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. यह दौरा नालंदा विश्वविद्यालय और लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े राष्ट्रीय संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग की नई संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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