नालंदा की 27 पंचायतों में 21 जुलाई को लगेगा सहयोग शिविर, लोगों की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान

नालंदा में 21 जुलाई 2026 को 27 पंचायतों में 'सहयोग शिविर अभियान' का आयोजन होगा। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

नालंदा की डीएम उदिता सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में 21 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले पंचायत स्तरीय "सहयोग शिविर अभियान" की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इसके सफल संचालन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 के तहत "सबका सम्मान, जीवन आसान" के लक्ष्य को पूरी तरह साकार करने के लिए आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों की शिकायतें सुनने और उनके समाधान की प्रभावी व्यवस्था पहले से लागू है.

इसी क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.

27 पंचायतों में लगेगा शिविर

जिलाधिकारी ने बताया कि 21 जुलाई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की कुल 27 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित होगा. इनमें बिहारशरीफ प्रखंड के तुंगी एवं पलटपुरा, हरनौत के पोआरी, गोनावां और पाकर, रहुई के सोसंदी, बरांदी एवं मोरातालाव, एकंगरसराय के ग्यासपुर, कोशियावां, नारायणपुर एवं सोनियावां, नूरसराय के चंडासी, नूरसराय एवं अजयपुर, अस्थावां के जियर, ओईयाव एवं कटहरी, हिलसा के बारा, कामता एवं कावा, इस्लामपुर के चंधारी, पचलोवा, आत्मा, बेले, रानीपुर एवं बौराडीह तथा चंडी प्रखंड के बेलछी पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे.

बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन पूर्वाह्न 10 बजे से कराया जाए. शिविर स्थल पर सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं पंचायत कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा आम लोगों के बैठने, पेयजल, आवेदन प्राप्त करने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए.

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदन एवं शिकायतों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा 'शिविर संवाद समाधान पोर्टल' के माध्यम से उनका ऑनलाइन निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. प्रत्येक आवेदक को उसकी शिकायत के समाधान की समय-सीमा की लिखित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी.

लंबित मामलों की सूची होगी प्रदर्शित

उन्होंने अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर स्थल पर न्यायालयों में लंबित एवं निष्पादित मामलों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि लोगों को अपने मामलों की अद्यतन जानकारी आसानी से मिल सके. साथ ही संबंधित पंचायतों के राजस्व मामलों का यथासंभव पहले ही निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया.

बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे शिविर में स्वयं उपस्थित होकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों को दें तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें. जिलाधिकारी ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से सहयोग शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर का लाभ उठा सकें.

उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को शिविर के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. बैठक में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.

Also Read : नालंदा सदर अस्पताल : बायोमेट्रिक उपस्थिति होगी अनिवार्य, गैरहाजिर डॉक्टरों का रुक सकता है वेतन


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >