Nalanda News (रामविलास की रिपोर्ट): आस्था के महासंगम राजकीय मलमास मेला में जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी भी लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है. भीषण गर्मी, भारी भीड़ और लंबी यात्राओं के बावजूद श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से आच्छादित किया गया है.
सात अस्थायी अस्पताल और 20 स्वास्थ्य शिविर संचालित
मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सात अस्थायी अस्पताल और 20 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया गया है. ब्रह्मकुंड परिसर के नियंत्रण कक्ष के समीप पांच बेड का विशेष अस्थायी अस्पताल बनाया गया है, जहां आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध है. इसके अलावा प्रमुख स्नान स्थलों वैतरणी, जर्मन हैंगर, आश्रय स्थल, वीवीआईपी टेंट सिटी और श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गयी है.
चौबीसों घंटे मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं
इन केंद्रों पर चौबीसों घंटे प्राथमिक उपचार, दवाइयां और आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है. अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. गौरव के अनुसार 10 जून तक मलमास मेला क्षेत्र में कुल 73,078 लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गयी है. इनमें 38,013 पुरुष और 34,862 महिला श्रद्धालु शामिल हैं.
203 गंभीर मरीजों को किया गया रेफर
उपचार के दौरान गंभीर रूप से बीमार पाये गये 203 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर रेफर किया गया है. इनमें से कुछ को पावापुरी मेडिकल कॉलेज भी रेफर किया गया है.
सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों का भी हो रहा उपचार
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिविरों में केवल श्रद्धालुओं का ही नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों, आपदा मित्रों तथा अन्य सरकारी कर्मियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जा रहा है.
15 एंबुलेंस और पांच चलंत चिकित्सा दल तैनात
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में 15 एंबुलेंस और पांच चलंत चिकित्सा दल तैनात किया गया है. किसी भी सूचना पर चिकित्सा दल तत्काल घटनास्थल तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं. गंभीर मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई है.
स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार हो रही मॉनिटरिंग
पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि छह प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों की प्रतिनियुक्ति मेला क्षेत्र में की गई है. डॉ. गौरव ने बताया कि सभी चिकित्सा केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग वरीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहे.
गर्मी और संक्रमण पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्मीजनित बीमारियों, संक्रमण और भीड़ के बीच उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों पर विशेष नजर बनाया गया है. पेयजल की गुणवत्ता, स्वच्छता और जनस्वास्थ्य मानकों की लगातार जांच की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और स्वस्थ धार्मिक यात्रा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए पूरी स्वास्थ्य टीम दिन-रात सेवा में जुटी हुई है.
