Nalanda News (बिहारशरीफ से रणजीत सिंह की रिपोर्ट)
अखिल भारतीय किसान महासभा और संयुक्त किसान मोर्चा नालंदा के बैनर तले सोमवार को बिहारशरीफ के हास्पीटल मोड़ पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया. धरने में किसानों ने मुहाने नदी का बंद मुंह खुलवाने, लोकायन नदी के तटबंध का पक्कीकरण कराने और कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई.
सिंचाई के लिए मुहाने नदी में पानी लाने की मांग
धरना दे रहे किसानों ने कहा कि जहानाबाद के उदेरा स्थान पर फल्गु नदी से मुहाने नदी का मुंह खुलवाना बेहद जरूरी है. उनका कहना था कि यदि फल्गु नदी का पानी मुहाने नदी में आने लगे तो इस्लामपुर, एकंगरसराय, परबलपुर, बेन, थरथरी, चंडी, नगरनौसा, नूरसराय और हरनौत प्रखंड के हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिल सकेगा.
किसान नेताओं ने कहा कि नदी में पानी नहीं आने से भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
लोकायन तटबंध के पक्कीकरण की उठी मांग
धरना के दौरान किसानों ने लोकायन नदी के तटबंध को पक्का कराने की मांग भी की. वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष तटबंध के क्षतिग्रस्त होने से बाढ़ के दौरान फसल को भारी नुकसान होता है. पक्का तटबंध बनने से किसानों की फसल और आसपास के गांवों को बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी.
मुफ्त बिजली और खाद संकट का मुद्दा भी उठा
किसानों ने कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, बाढ़ और सुखाड़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने तथा रासायनिक खाद की किल्लत दूर करने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर पर्याप्त खाद और सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है.
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिलाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद ने की, जबकि संचालन जिला सचिव मुनीलाल यादव ने किया. सभा को किसान महासभा के राज्य कार्यालय सचिव पाल बिहारी लाल, भाकपा माले नेता अनिल पटेल, ऐक्टू नेता विनोद रजक, किसान नेता महेंद्र प्रसाद समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं. यदि सरकार और प्रशासन ने शीघ्र पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
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