Nalanda News🙁सुनील कुमार ) बिहारशरीफ पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर शुक्रवार अहले सुबह से शहर और आसपास के इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ वट सावित्री व्रत मनाया हैं.
सुबह होते ही विभिन्न मोहल्लों और गांवों में स्थित वट वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ जुटने लगी. पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं पूजा सामग्री के साथ वट वृक्ष के नीचे पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की हैं.
महिलाओं ने निर्जला उपवास रखते हुए वट वृक्ष की पूजा और कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की
बिहारशरीफ शहर के अंबेर, रामचंद्रपुर, खंदकपर, पुलपर, गढ़पर, सुंदरगढ़, सोहडीह, नई सराय, कल्याणपुर, इमादपुर और मोगल कुआं समेत कई स्थानों पर स्थित वट वृक्षों के पास सुबह से ही पूजा का माहौल देखने को मिला हैं. महिलाओं ने निर्जला उपवास रखते हुए वट वृक्ष की पूजा की तथा वृक्ष के तने में कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की हैं.
इस दौरान महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की हैं.
पूजा स्थलों पर धार्मिक गीतों और मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा
पूजा स्थलों पर धार्मिक गीतों और मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दीं.
धार्मिक मान्यता है कि वट सावित्री व्रत रखने से पति को लंबी आयु प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है. इसी आस्था के साथ हर वर्ष ज्येष्ठ माह में सुहागिन महिलाएं यह व्रत करती हैं. बिहारशरीफ में भी इस पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सुबह से दोपहर तक पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा.
